एसबीआई जंगल कौड़िया शाखा में 71.20 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला
बैंक की जांच में शाखा प्रबंधकों समेत दो सहज जन सेवा केंद्र संचालकों की भूमिका मिली है संदिग्ध
जंगल कौड़िया (गोरखपुर)। एसबीआई जंगल कौड़िया शाखा में 71.20 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में दर्ज केस में दो तत्कालीन शाखा प्रबंधकों के नाम भी विवेचना में शामिल होंगे। इस मामले में दो सहज जन सेवा केंद्र संचालकों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
एक जनवरी 2024 को एक खाताधारक ने तारामंडल, गोरखपुर स्थित बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में फर्जी तरीके से तीन लाख रुपये हड़पे जाने की शिकायत की थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक भास्कर भूषण, अकाउंटेंट अमरेंद्र कुमार और कैंटीन बॉय पंकज मणि त्रिपाठी के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
मामले में अकाउंटेंट अमरेंद्र कुमार और कैंटीन बॉय पंकज मणि त्रिपाठी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था जबकि भास्कर भूषण अंतरिम जमानत पर है। बैंक की विजिलेंस और अन्य अधिकारियों की जांच अभी जारी है। सूत्रों के अनुसार, ऑडिट के दौरान दो तत्कालीन शाखा प्रबंधकों और दो सहज जन सेवा केंद्र संचालकों की कार्यप्रणाली संदिग्ध पाई गई है।
बैंक अधिकारियों ने पुलिस को प्रार्थना पत्र सौंपकर इनके नाम केस में शामिल करने का अनुरोध किया है। जांच रिपोर्ट में पशु और केसीसी लोन, पेंशन लोन और मृतकों के नाम पर फर्जी लोन जैसे मामले सामने आए। इस दौरान दो से तीन शाखा प्रबंधक बदले गए लेकिन अकाउंटेट अमरेंद्र कुमार ही रहा। बैंक ने धोखाधड़ी के शिकार कई ग्राहकों को राशि वापस कर दी जिससे ग्राहकों का विश्वास बहाल हुआ। जंगल कौड़िया शाखा में 50 हजार से अधिक खाताधारक हैं।
वर्जन
बैंक की ओर से प्रार्थना पत्र मिला है। केस में पर्याप्त धाराएं पहले से लगाई जा चुकी हैं। यदि जांच में अन्य तत्कालीन बैंक मैनेजर या कर्मचारी संलिप्त पाए गए तो उनके नाम भी केस में शामिल किए जाएंगे।
- विवेक कुमार तिवारी, क्षेत्राधिकारी, कैंपियरगंज