एमएमएमयूटी में सत्र 2026-27 से एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी
छह अक्तूबर को वित्त समिति की बैठक, अनुमति के लिए विस्तृत प्रस्ताव कार्यसूची में शामिल
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में अगले सत्र से एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रस्ताव बनाकर शासन के पास भेजा था। वहां से तीन बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। सोमवार को वित्त समिति की बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी।
शासन की ओर से कहा गया है कि सत्र 2026-27 से 100 क्षमता का एमबीबीएस पाठ्यक्रम स्ववित्तपोषित प्रणाली के अंतर्गत शुरू करने की संस्तुति विश्वविद्यालय के विद्या परिषद ने प्रदान की है। इसमें यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि इस पर विश्वविद्यालय की वित्त समिति का अनुमोदन प्राप्त है अथवा नहीं। उपलब्ध कराए गए प्रस्ताव में यह भी स्पष्ट नहीं है कि पाठ्यक्रम के संचालन संबंधी सभी मानक, बिल्डिंग/लैब इक्यूपमेंट आदि पूर्ण हैं या नहीं। सोमवार को होने वाली वित्त समिति की बैठक में अनुमति के लिए विस्तृत प्रस्ताव कार्यसूची में शामिल कर लिया गया है।
बीते दो मई को प्राविधिक शिक्षा विभाग की बैठक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई थी। इसमें मुख्यमंत्री ने प्राविधिक शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने के लिए विभिन्न निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि प्राविधिक शिक्षा विभाग में इंटर डिसिप्लिनरी कोर्स (मेडिकल साइंस) खोलने का प्रयास किया जाए। इसे ध्यान में रखते हुए ही एमएमएमयूटी ने अपना चिकित्सा संकाय शुरू करने की योजना पर काम शुरू किया है।
एमबीबीएस की 100 सीटों के लिए होगा आवेदन
आरंभिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नेशनल मेडिकल कमीशन में एमबीबीएस पाठ्यक्रम की मान्यता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। नेशनल मेडिकल कमीशन की सहमति मिलने के बाद पाठ्यक्रम शुरू होगा। शुरू में एमबीबीएस की 100 सीटों की मान्यता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। कॉलेज की स्थापना की नियामक संस्था नेशनल मेडिकल काउंसिल की ओर से निर्धारित मानक के अनुसार 100 सीटों के लिए 500 बेड के अस्पताल की आवश्यकता है। जिला व महिला अस्पताल में कुल 600 बेड हैं, इसलिए विश्वविद्यालय की टीम ने इन दोनों अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों से संपर्क किया है।