गोला-उरुवा मार्ग पर सोमवार को बस पलटने के मामले में हुआ खुलासा
खजनी, सिकरीगंज, गोला, बेलघाट और बड़हलगंज क्षेत्र में चला जांच अभियान, 13 वाहन जब्त
गोरखपुर। गोला-उरुवा मार्ग पर सोमवार को बच्चों से भरी स्कूल बस के पलटने की घटना में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस दुर्घटना में दो बच्चों के सिर फट गए और 11 मासूम बच्चे बाल-बाल बचे थे। आरटीओ जांच में खुलासा हुआ है कि हादसे में शामिल बस पर अयोध्या के स्कूल की मैजिक का नंबर प्लेट लगा था, जबकि उसका चेचिस नंबर वाहन पोर्टल पर दर्ज ही नहीं था।
इस मामले के खुलासे के बाद परिवहन निगम चौकन्ना हो गया है। जांच के दायरे को भी परिवहन निगम ने बढ़ाने का निर्णय लिया है। चर्चा है कि पूरी जांच में किसी बड़े रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है। कई लोग इसकी जांच की जद में आ रहे हैं।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवहन निगम की तरफ से मंगलवार को खजनी, सिकरीगंज, गोला, बेलघाट और बड़हलगंज क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान मानक पर खरे न उतरने पर 5 वाहनों को सिकरीगंज थाने में निरुद्ध किया गया, जबकि 7 का चालान किया गया। स्कूली बच्चों को ले जा रहे एक प्राइवेट वाहन को भी पकड़ा गया। निरुद्ध वाहनों में यूएस सेंट्रल एकेडमी, न्यू पब्लिक कॉलेजिएट, एसडीएम डिजिटल सेंट्रल एकेडमी और एसपीडी चिल्ड्रन एकेडमी की बसें शामिल हैं। चालान की गई गाड़ियों में जयपुरिया स्कूल, एटीएस इंटरनेशनल स्कूल, जेपीएस सेंट्रल एकेडमी और ब्रेनियाक इंटरनेशनल स्कूल के वाहन हैं। अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जब तक विद्यालय प्रबंधन सुरक्षा समिति की बैठक का कार्यवृत्त उपलब्ध नहीं कराते, तब तक जब्त वाहन नहीं छोड़े जाएंगे।
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2753 स्कूल वाहन पंजीकृत हैं रिकॉर्ड में
परिवहन विभाग के अनुसार, अगस्त की शुरुआत तक जिले में 2753 स्कूल वाहन पंजीकृत थे, जिनमें 321 वाहनों की फिटनेस 31 जुलाई तक समाप्त हो चुकी थी। विभाग ने शिक्षा अधिकारियों और प्रबंधकों को समय पर फिटनेस कराने के निर्देश दिए थे। एक अप्रैल से 31 अगस्त तक की गई कार्रवाई में 22 वाहनों का चालान और 7 वाहनों को जब्त किया गया था। 31 अगस्त तक के ताजा आंकड़ों में 15 साल की आयु पूरी कर चुके 290 वाहन और 212 निलंबित पंजीयन वाले वाहन शामिल हैं।