आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने यूपी सरकार को घेरा
बोले-सात अक्तूबर को बरेली जाएगा पार्टी का 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल
31 अक्तूबर को प्रयागराज से अयोध्या तक निकलेगी पदयात्रा, 15 नवंबर को होगा समापन
गोरखपुर। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा के सदस्य संजय सिंह ने बरेली में बीते दिनों हुए बवाल पर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। रविवार को मीडियाकर्मियों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बरेली का बवाल शांत हो गया था लेकिन प्रदेश सरकार ने ही फिर इसे उकसाया है। प्रदेश सरकार ने गहरी साजिश रची है जिसमें निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है। पार्टी का 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सात अक्तूबर को पीड़ित परिवारों से मिलने बरेली जाएगा।
संजय सिंह रविवार को एक निजी कार्यक्रम में गोरखपुर आए थे। इस दौरान उन्होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए बरेली में हो रही बुलडोजर कार्रवाई पर प्रदेश सरकार को घेरा। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाना ताकत का नहीं, अन्याय का प्रतीक है। धर्म विशेष के लोगों को निशाना बनाकर कार्रवाई की जा रही है। उनके घर पर बुलडोजर चलाकर दूसरे धर्म के लोगों को खुश रखने का चलन खतरनाक है।
रोजगार और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर पदयात्रा निकालेगी आम आदमी पार्टी
संजय सिंह ने कहा कि आए दिन पीसीएस, लेखपाल और सिपाही की भर्ती में पेपर लीक हो रहा है। शिक्षकों के लिए अलग संकट है। टीईटी किया तो शिक्षक बनेंगे नहीं तो मान्यता समाप्त हो जा रही है। नौजवानों से रोजगार छीना जा रहा है। आम आदमी पार्टी रोजगार और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर 31 अक्तूबर से 15 नवंबर तक प्रयागराज से अयोध्या तक पदयात्रा निकालेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों, किसानों और मजदूरों के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए प्रपंच रच रही है। भाजपा सरकार ने उन्हें 183 दिन जेल में रखा, लेकिन इससे उनके हौसले कमजोर नहीं हुए। उन्होंने दोहराया कि वह कभी भाजपा में शामिल नहीं होंगे और जनता के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाते रहेंगे। प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस समय पंचायत चुनावों की तैयारी में जुटी है। पिछली बार 83 सीटें जीतने के बाद पार्टी ने संगठन को और मजबूत किया है। आगे विधानसभा चुनावों के लिए अलग रणनीति बनाई जाएगी।
-
‘चपत उत्सव’ है जीएसटी का स्लैब
संजय सिंह ने कहा कि सरकार के ‘बचत उत्सव’ जैसे आयोजन जनता के साथ छलावा हैं। नोटबंदी से काला धन खत्म हुआ न ही जाली नोटों पर रोक लगी। अब ‘बचत उत्सव’ की आड़ में जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जीएसटी को आर्थिक क्रांति बताया गया था लेकिन यह आम आदमी पर आर्थिक बोझ साबित हुआ। कोयले पर टैक्स बढ़ाकर बिजली और भवन निर्माण महंगा कर दिया गया, जबकि कागज पर टैक्स 12 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। यह बचत नहीं, बल्कि ‘चपत उत्सव’ है।