ठगों ने टेलीग्राम पर गेम डाउनलोड कराकर टास्क पूरा करने पर कमाई का दिया था झांसा, कर्ज में भी डूबे लेखाधिकारी
गोरखपुर। पिपराइच के बरईपुर निवासी मनोज कुमार गौड़ ने ऑनलाइन कमाई के लालच में आकर 70 लाख रुपये गंवा दिए। वह पंजाब के मोहाली में एक कंपनी में लेखाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। ठगों ने उन्हें टेलीग्राम पर गेम डाउनलोड कराकर टास्क पूरा करने पर मोटी कमाई का झांसा दिया था। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस ऑफिस में आकर शिकायत की। प्रकरण की जांच साइबर पुलिस को सौंपी गई है।
मनोज कुमार गौड़ ने बताया कि बीते जून 2024 में टेलीग्राम पर एक लिंक मिला। इसके जरिये एक गेम एप डाउनलोड करने का ऑफर था। शुरुआत में इसे मजाक में डाउनलोड कर लिया, लेकिन कुछ दिन बाद लगातार लुभावने संदेश आने लगे और वह साइबर ठगों के जाल में फंस गया। ठगों ने पहले छोटे निवेश पर अधिक कमाई का लालच दिया। शुरू में कुछ रुपये लगाए और खाते में रकम बढ़ती हुई देखी। धीरे-धीरे निवेश की रकम बढ़ा दी। जब एप पर बैलेंस बढ़ा हुआ दिखा तो उसे निकालने के लिए नया टास्क दिया जाता था। कहा जाता कि थोड़े और रुपये लगाने होंगे। इसी झांसे में फंसकर पहले बचत की रकम लगाई, फिर क्रेडिट कार्ड से रुपये लगाए। रिश्तेदारों से भी उधार लेकर रकम लगाई।
मार्च 2025 तक कुल 70 लाख रुपये धोखाधड़ी में गंवा दिए। स्क्रीन पर रकम करोड़ों में दिखती रही। लेकिन जैसे ही वह ट्रांसफर करने की कोशिश करते, नए-नए शर्तें और टास्क सामने आते रहे। जब पूरी जमा-पूंजी और कर्ज लेने की सीमा खत्म हो गई, तब ठगी का एहसास हुआ। इससे वह मानसिक तनाव में आ गए। किसी तरह हिम्मत जुटाकर गोरखपुर पुलिस कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
कोट
युवक के बैंक खाता, क्रेडिट कार्ड के लेन-देन और एप की जांच की जा रही है। कोशिश है कि ठगों तक पहुंचकर रकम वापस दिलाई जाए। हालांकि इतने बड़े साइबर फ्रॉड में रकम की वापसी चुनौतीपूर्ण रहती है।
- जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी नार्थ
पुलिस की अपील
एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल का कहना है कि ऐसे मामलों में ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या मैसेजिंग एप के जरिए भरोसा जीतते हैं। फिर धीरे-धीरे निवेश बढ़वाकर पीड़ित को कर्ज में डुबो देते हैं। लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, एप या ऑफर पर भरोसा न करें। संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।