कृति कल्याणी ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में लिया भाग
प्रदर्शनी में 12 हजार से ज्यादा मूर्तियां की हो चुकी है बिक्री
गोरखपुर। गोरखपुर की पारंपरिक टेराकोटा कला अब न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी अपनी खास पहचान बना रही है। हाल ही में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस प्राचीन कला को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया, जहां गोरखपुर की प्रसिद्ध टेराकोटा कलाकार कृति कल्याणी ने भी हिस्सा लिया।
कृति कल्याणी द्वारा प्रदर्शित मूर्तियों और सजावटी वस्तुओं ने न केवल लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि विदेशी खरीदारों को भी आकर्षित किया। इस प्रदर्शनी के दौरान अब तक 12,000 से अधिक टेराकोटा मूर्तियों की बिक्री हो चुकी है, जो इस पारंपरिक कला की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।
कृति कल्याणी ने बताया कि प्रदर्शनी में आए विदेशी प्रतिनिधियों ने गोरखपुर की टेराकोटा कला की बारीकी और हस्तनिर्मित डिजाइनों की सराहना की। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस कला को पहुंचाने का यह बेहतरीन अवसर है।
97 अन्य महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर
अब कृति टेराकोटा की मूर्ति के अलावा वह दीपक, रंग-बिरंगे गहने और अन्य सजावटी सामान भी बनाती हैं। आज उनके साथ जुड़कर करीब 97 महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। कृति ने बताया कि उनके पास जो भी ऑर्डर आते हैं उसके मुताबिक मूर्तियां तैयार करके टीम में शामिल महिलाओं के घर पहुंचा देती हैं। अन्य महिला कलाकार उन मूर्तियों को पेंट करके अच्छे से सजाती हैं।
ट्रेड शो में धागे की ज्वेलरी बनाने वाली वंदना ने भी लिया हिस्सा
वंदना ने बताया कि अभी तक 100 से ज्यादा ज्वेलरी की बिक्री हो चुकी है। लोगों को ये ज्वेलरी पसंद भी आ रही है। मेरे लिए ये एक काफी अच्छा मौका है। सरकार की तरफ से पारंपरिक कलाओं को वैश्विक स्तर पर ले जाने के प्रयास में इस तरह की भागीदारी महत्वपूर्ण साबित हो रही है। महिलाओं को और भी आगे जाने का मौका मिल सकता है।