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Gorakhpur News: मां को दिल्ली में खोजते रहे बरेली के सुरेश, गोरखपुर में मिलीं

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13 जनवरी को बरेली के विश्वासनगर में किराए के घर में रहने वाली रामप्यारी देवी (75) हो गई थीं लापता
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14 जनवरी की रात में गोरखपुर के रेल म्यूजियम के पास पुलिस को मिलीं

गोरखपुर पुलिस ने पांच घंटे में सी प्लान एप की मदद से ढाई सौ गांव खंगाल कर बेटे का पता लगाया और दी सूचना
गोरखपुर। बरेली में रहने वाले सुरेश अपनी लापता मां रामप्यारी देवी (75) को दिल्ली और शाहजहांपुर में खोज रहे थे। इधर वह भटककर ट्रेन से गोरखपुर पहुंच गईं। 14 जनवरी की रात में कैंट पुलिस ने सड़क किनारे बैठी वृद्धा को देखकर पूछताछ की तो पता चला कि वह घर से भटककर यहां आ गई हैं। कैंट पुलिस ने सी प्लान एप से बुजुर्ग का घर खोजकर बेटे से मिलवाया।
रेलवे स्टेशन चौकी इंचार्ज सुधांशु सिंह ने बताया कि 14 जनवरी को रेल म्यूजियम के पास रात के समय रामप्यारी बैठी हुई मिली थीं। उनके सारे दांत टूट चुके हैं, इसलिए ठीक से बोल नहीं पा रहीं थीं। उनके सामने शाहजहांपुर के करीब ढाई सौ गांव का नाम लिए गए, तब उन्होंने बड़ेपुर पर हामी भरी। इसके बाद सी प्लान एप की मदद से शाहजहांपुर के बड़ेपुर गांव के प्रधान और चौकी की पुलिस से संपर्क किया गया तो पता चला कि बड़ेपुर में बुजुर्ग का मायका है और घर गड़ियारंग थानाक्षेत्र के डभौरा में है। इसके बाद छोटे बेटे नरवीर से संपर्क कर जानकारी दी गई। पुलिस ने रामप्यारी को बैंक रोड स्थित मातृ छाया शेल्टर होम भिजवा दिया। पूछताछ में पता चला कि ट्रेन से वह यहां तक पहुंचीं हैं। सीसीटीवी कैमरे में भी रेलवे स्टेशन के अंदर से निकलतीं दिखीं।
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मानसिक रूप से कमजोर... निकल जाती हैं घर से
बृहस्पतिवार को शाहजहांपुर से नरवीर मां रामप्यारी को लेने पहुंचे। नरवीर ने बताया कि मां बड़े भाई सुरेश के साथ बरेली के सुभाषनगर क्षेत्र के विश्वासनगर में किराए के मकान में रहती हैं। वह मानसिक रूप से कमजोर हैं और कभी भी घर से निकल जाती हैं। 12 जनवरी को वह घर से लापता हो गईं। इसके बाद सुरेश ने दिल्ली स्टेशन तक तलाश की लेकिन कहीं पता नहीं चला। उन्होंने पेपर में इश्तेहार भी छपवाया। नरवीर ने बताया कि मां को घर का पता नहीं याद है, पुलिस को उन्होंने मायके का पता बताया था। मां की एक बहन 10 साल से लापता हैं, उनका आज तक पता नहीं चल पाया।
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मां के चरणों में गिर गया बेटा
नरवीर बृहस्पतिवार शाम चार बजे चौकी इंचार्ज सुधांशु सिंह के साथ मातृ छाया शेल्टर होम पहुंचे। वहां पर मां को देखते ही उनके चरणों में गिर गए। मां भी बेटे के सिर पर हाथ फेरती रहीं। इसके बाद कागजी प्रक्रिया पूरी कर नरवीर मां को लेकर निकल गए। नरवीर ने मातृछाया के संचालक आलोक त्रिपाठी और सी प्लान एप से पता लगाने वाले पुलिस कर्मी सुधांशु सिंह और संजीत यादव को धन्यवाद दिया।
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