नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने लगाए प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप
हार्बर्ट बंधा सड़क, कूड़ा ढुलाई और एक कपंनी की शिकायत के मुद्दों पर गरमाया सदन का माहौल
गोरखपुर। कार्यकारिणी चुनाव के साथ रविवार को हुए नगर निगम बोर्ड की बैठक में सपा पार्षद के बयान पर घमासान मच गया। दरअसल सपा पार्षद जियाउल इस्लाम ने चर्चा के दौरान मेयर के साथ ही नगर आयुक्त को भी भाजपाई बता दिया। इस पर नगर आयुक्त ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद पार्षद ने अपने शब्द वापस लिए। चर्चा के दौरान कई बार माहौल गरमाया। पार्षदों ने नगर निगम के अफसरों पर सदन में तय हुए मामलों पर भी हीलाहवाली का आरोप लगाया।
नगर निगम की 14वीं बोर्ड बैठक मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में दोपहर 12 बजे से शुरू हुई। बैठक में 13वीं बोर्ड बैठक के प्रस्ताव और उन पर हुई कार्रवाई को रखा गया। कई प्रस्तावों पर पार्षदों ने तीखे सवाल उठाए। पार्षदों ने पुराने प्रस्तावों पर कार्रवाई न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। एक पार्षद ने कहा कि यदि सदन की गरिमा बनी रहेगी, तभी बैठक करें वरना बंद कर दें।
हार्बर्ट बंधा पर फोरलेन सड़क के अप्रोच रोड, कूड़ा ढुलान और एक कंपनी की शिकायत जैसे मुद्दों पर सदन में गहमागहमी रही। इसी बीच पार्षद जियाउल इस्लाम ने पुराने प्रस्तावों पर चर्चा रोकने की बात कही। उन्होंने मेयर और नगर आयुक्त पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दोनों भाजपा के हैं, प्रस्ताव में पुराने मुद्दे पर चर्चा जोड़ देनी चाहिए थी।
इस पर नगर आयुक्त ने विरोध जताते हुए कहा कि सरकारी अफसर व कर्मचारी किसी दल के नहीं बल्कि व्यवस्था के अंग हैं। इसके बाद जियाउल इस्लाम ने अपने शब्द वापस लिए। इसे लेकर सत्ता पक्ष व विपक्ष के पार्षदों के बीच तेज बहस हुई।
साहबगंज के पार्षद साहब अंसारी ने खुले वाहनों में कूड़ा ढुलाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछली बैठक में नगर आयुक्त ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया। पार्षद विजेंद्र अग्रहरि ने हार्बर्ट बंधा में लोक निर्माण विभाग की फोरलेन सड़क के लिए अप्रोच रोड नहीं बनने पर आपत्ति जताई।
नगर आयुक्त ने बताया कि पीडब्ल्यूडी से फंड मांगा गया है लेकिन तकनीकी समस्याएं हैं। इस पर पार्षद ने कहा कि जनता को तकनीकी दिक्कतों से कोई मतलब नहीं, उनकी परेशानी बढ़ रही है। पार्षद शिवेंद्र मिश्रा और देवेंद्र कुमार ने एक कंपनी की शिकायत पर भी कार्रवाई न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त ने कंपनी को काली सूची में डालने की बात कही थी लेकिन प्रस्ताव में केवल जांच का जिक्र है। पार्षदों ने पुरानी रिकॉर्डिंग निकालकर दावों की जांच की मांग की।
कार्यकारिणी के सभी छह सदस्य निर्विरोध निर्वाचित
भाजपा को पांच और सपा को मिली एक सीट, सात ने खरीदा था नामांकन पत्र, छह ने ही जमा किया
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नगर निगम बोर्ड की रविवार को हुई बैठक के दौरान कार्यकारिणी के छह पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ। इसमें भाजपा के पांच और सपा का एक सदस्य चुना गया। इससे पहले सात पार्षदों ने नामांकन पत्र खरीदा था, लेकिन छह ने ही नामांकन पत्र जमा किया।
कार्यकारिणी सदस्य का दो साल का कार्यकाल पूरा होने के कारण भाजपा के उपसभापति धर्मदेव चौहान, अजय राय, अजय ओझा, रविंद्र सिंह सैंथवार, मनोज निषाद और सपा के जुबेर अहमद का कार्यकाल समाप्त हुआ था। इन रिक्त पदों पर चुनाव के नामांकन पत्रों की बिक्री हुई।
भाजपा से छह सदस्यों के नामांकन पत्र खरीदने की आशंका को देखते हुए सपा ने दो नामांकन पत्र खरीदे। भाजपा ने पांच ही नामांकन पत्र खरीदा। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच हुई। जांच में सभी सही पाए गए। चुनाव अधिकारी नागेंद्र सिंह ने छह पार्षदों के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की। भाजपा के पांच और सपा के एक पार्षद का कार्यकारिणी सदस्य चुने गए।
इनका हुआ निर्वाचन
निर्वाचित सदस्यों में भाजपा की पूनम सिंह, मीरा यादव, रंजुला रावत, रामगति निषाद, अशोक कुमार मिश्र और सपा के जियाउल इस्लाम शामिल हैं। मेयर सहित सभी पार्षदों ने नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई दी। अगली कार्यकारिणी की बैठक में उपसभापति का चुनाव होगा।
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पिंटू ने चुनाव तो नहीं लड़ा, लेकिन छोड़ दी बैठक
कार्यकारिणी सदस्य के लिए उम्मीदवार नहीं बनाए जाने से नाराज सिविल लाइंस के सभासद पिंटू गौड़ ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया। वह बैठक छोड़कर चले गए। बता दें भाजपा और सपा ने कार्यकारिणी चुनाव के लिए शनिवार रात में ही बैठक कर सदस्यों के नाम तय कर लिए थे। सपा को एकमात्र सीट मिलने की उम्मीद थी और इसके लिए वरिष्ठ नेता जियाउल इस्लाम के नाम पर सहमति थी। वहीं भाजपा को पांच सीट मिलनी थी, इसलिए दावेदार भी अधिक थे। प्रत्याशी तय करने के लिए हुई भाजपा की बैठक में पार्षद देवेंद्र गौड़ उर्फ पिंटू गौड़ नामांकन कराने में अड़ गए थे। इसे देखते हुए मेयर समेत वरिष्ठ पार्षदों ने रविवार सुबह भी पिंटू गौड़ को मनाने का प्रयास किया। काफी प्रयास के बाद पिंटू गौड़ मान गए। उधर सपा को उम्मीद थी कि पिंटू बगावत कर पर्चा भरेंगे, इसलिए चंद्रभान प्रजापति को भी चुनाव लड़ाने का निर्णय लिया गया था। इसीलिए नामांकन पत्र भी खरीदा गया। हालांकि, जब भाजपा से पांच पार्षदों ने ही पर्चा भरा तो सपा ने भी चंद्रभान का नामांकन पत्र जमा नहीं करवाया।
देवेंद्र गौड़ पिन्टू ने शनिवार को पार्टी बैठक में खुद को प्रत्याशी बनाने की मांग की थी। उनका कहना था कि वह लगातार पांच बार से पार्षद हैं। गौड़ बिरादरी के एक मात्र पार्षद हैं। रविवार को जब उनका नाम प्रत्याशियों की सूची में नहीं आया तो उनकी नाराजगी बढ़ गई। सदन में भाजपा पार्षदों ने उनका मान-मनौवल की लेकिन पिन्टू की नाराजगी नहीं खत्म हुई। पिंटू ने भाजपा में पिछड़ों की अनदेखी का आरोप लगाया।