जिला अस्पताल के इमरजेंसी में बीपी कम होने के साथ चक्कर आने से परेशान महिलाएं पहुंची
व्रत के दौरान कुछ महिलाओं की खराब हो गई थी तबीयत
गोरखपुर। चार दिवसीय महापर्व छठ पर्व 36 घंटे के निराजल व्रत के साथ मंगलवार को संपन्न हो गया। शनिवार की शाम नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ पर्व मंगलवार की सुबह सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हो गया। निराजल व्रत के कारण कुछ महिलाओं की तबीयत अचानक खराब हो गई।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीके सुमन ने बताया इमरजेंसी में बीपी और चक्कर आने से बेहोश हुए कुछ मरीज पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें वापस घर भेज दिया गया। उन्होंने आने वाले त्योहारों और व्रत को लेकर सलाह देते हुए कहा कि व्रत शुरू करने से पहले व्रती महिलाओं को पर्याप्त नींद लेना चाहिए, धूप में अधिक देर तक रहने से बचना चाहिए, हार्ट, बीपी या शुगर के मरीज व्रत शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें और स्वास्थ्य जांच करा लें। डॉ. विमलेश ने बताया कि बीपी के मरीजों को अतिरिक्त ध्यान देना चाहिए और व्रत से पहले दवाओं के सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए। लंबे समय तक असर करने वाली दवाएं न लें।
डायटीशियन अनुपम कौशिक ने बताया कि बीपी के मरीजों को व्रत के दौरान नमक का सेवन सीमित रखना चाहिए और शरीर में पानी की कमी न होने दें। एम्स की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. आराधना ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को व्रत में खास ध्यान रखना चाहिए क्योंकि उसके साथ बच्चों की भी सेहत जुड़ी होती है।