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Gorakhpur News: छह माह पहले भी करने वाले थे आत्महत्या, बचाया लिया था लोगों ने

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मां की पिटाई से क्षुब्ध होकर युवती उठाने चली थी आत्मघाती कदम
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गोरखपुर। पिपराइच रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या करने वाले प्रेमी युगल ने छह माह पहले भी आत्मघाती कदम उठाया था लेकिन लोगों ने उन्हें रोक लिया था। तब युवती की मां ने दोनों को सरेराह पीटा था। बताया जा रहा है कि युवती की मां के लगातार विरोध और जबरन तय की गई शादी से क्षुब्ध होकर दोनों ने सोमवार की जान दे दी।
विश्वकर्मा के पिता ने बताया कि उनके बेटे की दिव्या के साथ एक साल से नजदीकियां थीं। छह माह पहले दोनों को पिपराइच रेलवे स्टेशन के पास स्थित मंदिर में बातचीत करते हुए दिव्या की मां ने देख लिया था और गुस्से में दोनों को सरेआम पीट दिया थ। उस दौरान भी दोनों ने आत्महत्या की कोशिश की थी लेकिन आसपास के लोगों ने समझा-बुझाकर रोक लिया था।
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इसके कुछ दिन बाद युवती के पिता परदेस से घर आए और विश्वकर्मा के घर जाकर बात की। विश्वकर्मा के परिवार ने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए नवंबर या दिसंबर में शादी का आश्वासन दिया था। यह बात युवती की मां को नागवार गुजरी। नाराज होकर उसने बेटी की शादी एक अन्य युवक से तय कर दी, जो सऊदी अरब में काम करता है। मई 2026 में डेट भी पड़ गई थी। बताया जा रहा है कि इसी के बाद प्रेमी युगल ने सोमवार की देर शाम रेलवे स्टेशन पहुंचकर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली।
रेलवे ट्रैक के पास दोनों के शव करीब 10 मीटर की दूरी पर पड़े मिले। युवती का शव नग्न अवस्था में मिलने से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की और दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दिव्या की मां ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उसकी बेटी रोज की तरह सोमवार सुबह नौ बजे कपड़े की दुकान पर काम करने गई थी देर शाम तक घर न लौटने पर उन्हें चिंता हो रही थी इसी बीच शव मिलने की सूचना मिली। पिपराइच थानाध्यक्ष अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में प्रेम संबंध की बात सामने आई है। दोनों परिवारों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मामले की जांच सभी पहलुओं पर की जा रही है।


तीन बहनों में सबसे बड़ी थी दिव्या
दिव्या तीन बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी। वह घर की आर्थिक मदद के लिए कस्बे की कपड़े की दुकान पर काम करती थी। पिता को जब बेटी की मौत की खबर मिली तो वे बंगलूरू से गोरखपुर के लिए रवाना हो गए। घर में कोहराम मचा हुआ है।
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तीन भाइयों में सबसे छोटा था विश्वकर्मा
विश्वकर्मा कुमार तीन भाइयों में सबसे छोटा था। पिता ने बताया कि बेटा हैदराबाद में पेंट पॉलिश का काम करता था और दिवाली से दो दिन पहले ही घर लौटा था। परिवार शादी के लिए राजी था लेकिन दिव्या की मां नहीं मान रही थी। इसके चलते दोनों बच्चों ने आत्मघाती कदम उठा लिया। सोमवार की शाम भी दिव्या ने दुकान से निकलते समय विश्वकर्मा को फोन किया था। कॉल आने के बाद वह घर से निकला लेकिन वापस नहीं लौटा।

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