जन्म के समय में ही मेरी मां को मां काली ने दर्शन दिया था। जिनके आदेश पर मेरा नाम बचपन से ही यमाई रख दिया गया था। ब्राह्मण परिवार से होने के कारण मैं संस्कारी थी। 1995 में मेरे जीवन में गुरु गगन गिरि नाथाय का आगमन हुआ जो नाथ पंथ से थे।
उनके सानिध्य में 16 वर्षों तक तपस्या की। उन्होंने गुरु मंत्र दिया। कहा कि 2025 में महामंडलेश्वर बनी। बचपन से ही कुंडिलिनी जागृत करने का मन था।
वहीं, किन्नर पीठाधीश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने बताया कि यमाई ममता नंद गिरि महामंडलेश्वर थीं, हैं और रहेंगी। यमाई ममता नंद गिरि पीपीगंज में महामंडलेश्वर कंकेश्वरी नदंगिरि के घर भजन संध्या कार्यक्रम में शामिल होने आईं हैं हम सब इससे काफी खुश हैं।
एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत
किन्नर पीठाधीश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी व महामंडलेश्वर यमाई ममता नंदगिरि (अभिनेत्री ममता कुलकर्णी) के आगमन पर एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया। महामंडलेश्वर कंकेश्वरी नदंगिरि ने बताया कि यमाई ममता नंदगिरि बुधवार को गुरु गोरक्षनाथ के दर्शन करेंगी। इसके बाद वह पीपीगंज के लिए रवाना होंगी।