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Gorakhpur News: शिवपुर में दोहरे हत्याकांड के बाद बर्खास्त कोटे की दुकान का हुआ चयन

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पुलिस फोर्स और जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में जय मां अम्बे स्वयं सहायता समूह को मिली जीत
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सरदारनगर। चौरीचौरा थानाक्षेत्र के शिवपुर के चकदहा में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद बर्खास्त कोटे की दुकान का शुक्रवार को पुलिस फोर्स और ब्लॉक अधिकारियों की उपस्थिति में चयन किया गया। इस चयन प्रक्रिया में गांव के तीन स्वयं सहायता समूहों ने प्रतिभाग लिया था। इसमें जय मां अम्बे स्वयं सहायता समूह को जीत हासिल हुई।
शुक्रवार को शिवपुर गांव के कोटे की दुकान के चयन को लेकर भारी पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी। इसमें महिला सिपाहियों की संख्या भी अधिक रही। सरदारनगर ब्लाॅक के एडीओ पंचायत राधेश्याम जायसवाल और एडीओ आईएसबी छोटेलाल यादव की उपस्थिति में गांव के तीन समूहों शिव स्वयं सहायता समूह, जननी स्वयं सहायता समूह और जय मां अम्बे स्वयं सहायता समूह ने चयन प्रक्रिया में भाग लिया। चयन प्रक्रिया में जनता का समर्थन सबसे ज्यादा जय मां अम्बे स्वयं सहायता समूह को मिला। कुल 289 लोगों ने हाथ उठाकर अपना समर्थन दिया। जबकि दो अन्य को 27 और 5 लोगों का समर्थन मिला। इसके बाद अधिकारियों ने जय मां अम्बे स्वयं सहायता समूह को विजेता घोषित कर दिया।
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यह समूह अब शिवपुर गांव में सरकारी राशन आदि के वितरण की जिम्मेदारी संभालेगा। इससे पूर्व इस गांव के कोटे की दुकान यहां हुए दोहरे हत्याकांड के आरोपी संजय कुमार के पिता के नाम थी। दोहरे हत्याकांड के बाद प्रशासन ने उसके कोटे की दुकान को बर्खास्त कर दिया था। शुक्रवार को हुए कोटा चयन के दौरान ग्राम प्रधान दीनानाथ निषाद, सचिव अखिल आनन्द यादव, सचिव राकेश कुमार ठाकुर, महेश, दिलीप कुमार, सुग्रीव निषाद, सरवन निषाद व बड़ी संख्या में चौरीचौरा, झंगहा व पिपराइच थाने की पुलिस फोर्स मौजूद रही। हालांकि इस चयन प्रक्रिया के दौरान संजय कुमार का परिवार नहीं दिखा।
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यह था मामला
बीते 29 मार्च को शिवपुर चकदहा में मां पूनम और बेटी अनुष्का की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी। घटना के लिए मृतका पूनम की बड़ी बेटी खुशबू निषाद ने गांव कोटेदार और उसके बेटे सहित अन्य पर हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। इस मामले में चौरीचौरा पुलिस ने कोटेदार के लड़के संजय कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि प्रकाशन ने कोटे की दुकान को सस्पेंड कर दुकान को लक्ष्मणपुर के दुकान में अटैच कर दिया था। दोहरे हत्याकांड में पुलिस 90 दिन के अंदर आरोप पत्र दाखिल नहीं कर पाई। जिससे न्यायालय ने संजय को जमानत पर रिहा कर दिया। हालांकि इस दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश होने आज भी बाकी है। जनता को इंतजार है कि पुलिस इस दोहरे हत्याकांड से कब पर्दा उठाएगी।
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