गोरखपुर। शासन के निर्देश पर ठंढ के चलते जिले के कक्षा आठ तक के सभी सरकारी स्कूलों को 15 जनवरी तक बंद कर दिया गया है। दूसरी तरफ उन्हीं विद्यालयों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र खुले हैं। स्थिति यह है कि अधिकतर अभिभावक ठंड के कारण बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र पर भेजना बंद कर दिए हैं। जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र खोलकर बच्चों का इंतजार करते हैं। केंद्र में न आने वाले बच्चों को बुलाने के लिए कार्यकर्ता घर पहुंच जाती हैं। आंगनबाड़ी एसोसिशन की अध्यक्ष ने डीपीओ से केंद्र बंद करने की मांग की है।
आंगनबाड़ी सहायिका एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष गीतांजली मौर्या ने सवाल उठाते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि कई जिलों के जिलाधिकारी ने अपने जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करने का आदेश दे दिया है। फिर यहां पर आंगनबाड़ी केंद्र क्यों संचालित किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चे तीन से छह साल के होते हैं। उन्हें बहुत ठंड लग रही है। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों को केंद्र पर नहीं भेज रहे हैं। इसलिए आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद करना आवश्यक है।
ठंड की वजह से प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए गए हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चे काफी छोटे होते हैं। उनको दिक्कत हो रही है। आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने का निर्देश डीएम दे सकते हैं। इसके लिए उनको लिखा गया है। जैसे ही आदेश आएगा आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने को कह दिया जाएगा।
अभिनव कुमार मिश्रा जिला कार्यक्रम अधिकारी