पिपराइच के गढ़वा सहित अन्य इलाकों में चल रही रोहिंग्या की तलाश
गढ़वा इलाके में रहा सन्नाटा, नहीं दिखे पुरुष, बच्चों संग अधिकतर महिलाएं भी भागीं
जमीन के मामले में मारपीट के बाद एक पक्ष ने लगाया आरोप
सोमवार को नहीं पहुंची प्रशासन की टीम, आज होगी जांच
पिपराइच। गढ़वा में रोहिंग्या होने की सूचना पर खुफिया विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। सोमवार को खुफिया विभाग के साथ ही एटीएस ने भी पिपराइच जाकर गोपनीय जांच की है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपेगी। वहीं पुलिस के आने की सूचना पर झुग्गी-झोपड़ी डालकर रहने वाले पुरुष और महिलाएं पूछताछ के डर से इधर-उधर भागे रहे। पूरे दिन सन्नाटा रहा।
नगर पंचायत के गढ़वा चौक के पास शनिवार को जमीन कब्जे को लेकर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष व भाजपा नेता अनुपमा आर्या, पति मुरारी लाल एडवोकेट व पुत्र सूर्यांश गुप्ता के साथ दबंगों ने जमकर मारपीट की थी। इसमें तीनों घायल हो गए थे। इस दौरान दूसरे पक्ष के शहनवाज को भी चोटे आई थीं। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष व भाजपा नेता अनुपमा आर्या ने इस मामले में रविवार को पांच नामजद सहित पचास अज्ञात रोहिंग्या के विरुद्ध केस दर्ज कराया था। रोहिंग्या का नाम आने के बाद सभी एजेंसियां जांच में जुट गई हैं।
रेलवे डिपो के पास झुग्गी-झोपड़ी डालकर रह रहे लोग
जानकारी के मुताबिक, रेलवे डिपो के पास दो जगहों पर बाहर से आए लोग पत्नी और बच्चों संग बस गए हैं। पिपराइच थाने में केस दर्ज होने के बाद सोमवार को झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले पुरुष सुबह से ही भागे हुए थे। पुलिस के वाहनों का आना-जाना शुरू हुआ तो अधिकतर महिलाएं भी डर कर कहीं निकल गईं। वहीं, कुछ महिलाएं खाना बनाते मिल गईं। इनमें गोभी की पत्नी जीता, गुड्डू की पत्नी निशा आदि अपने मूल निवास के बारे में तो नहीं बता पाईं और कहा कि दो साल से रह रहे हैं। इसके पहले कस्बे की बड़ी मस्जिद के पास रहते थे।
उन्होंने बताया कि एक अल्पसंख्यक युवक ने यहां रेलवे की खाली जमीन में बसा दिया है। मस्जिद के हाफिज बच्चों को पढ़ाते हैं। आधार कार्ड भी बन गया है। मजदूरी, कबाड़, फेरी, मधु निकालने, बकरी और मुर्गी पालन आदि का काम कर गुजारा करते हैं।
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गोलबंद होकर की थी मारपीट
रेलवे डिपो के पास रहने वाले प्रेम व मुन्ना गौड़ ने बताया कि पिछले साल यहां हैंडपंप लगाया जा रहा था। हम लोग देखने चले गए। इन्हें यह बात इतनी बुरी लगी कि दूसरे झोपड़पट्टी में रहने लोग गोलबंद होकर हम लोगों के साथ मारपीट की थी। इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। देखते ही देखते यहां परिवार की संख्या बढ़कर 25 हो गई।
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पुलिस देख भाग गई महिलाएं
केस की जांच करने पहुंची पिपराइच पुलिस टीम को देखकर महिला और बच्चे भाग गए। इस दौरान एक महिला ने बच्चे को झोपड़ी में ही छोड़ दिया था। उसका रो-रो कर बुरा हाल हो गया। आसपास की महिलाओं ने उसे संभाला।
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प्रशासन की टीम का इंतजार करती रही पुलिस
सोमवार को प्रशासन की टीम के साथ सीओ चौरी चौरा इस मामले की जांच करने जाने वाले थे। दिनभर पिपराइच थाने की पुलिस प्रशासनिक अधिकारी के आने का इंतजार करती रही। लेकिन, प्रशासनिक अधिकारी नहीं आए। बताया जा रहा है कि शहर में राज्यपाल का कार्यक्रम होने की वजह से प्रशासन की टीम वहां मुस्तैद रही। मंगलवार को जमीन की विवादित नाप-जोख और रोहिंग्या की हकीकत की जांच की जा सकती है।
रोहिंग्या को हटाने की मांग
नगर पंचायत पिपराइच के पू्र्व चेयरमैन व भाजपा नेता जीतेंद्र कुमार जायसवाल ने मुख्यमंत्री सहित विभागीय अधिकारियों को पत्र देकर नगर सहित क्षेत्र में बस रहे रोहिंग्या को हटाने की मांग की है। पत्र में लिखा है कि नगर पंचायत पिपराइच, गढ़वा सहित क्षेत्र में तेजी से रोहिंग्या की संख्या बढ़ रही है। भविष्य में राष्ट्र विरोधी गतिविधियां होने, सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने, चोरी, लूट जैसे अपराध की प्रबल संभावना है। उन्होंने मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त, डीएम, एसएसपी, पिपराइच थानाध्यक्ष आदि के नाम पत्र भेजकर रोहिंग्या को क्षेत्र से हटाने की मांग की है।