गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के केन्द्रीय ग्रंथालय एवं यूजीसी- इनफ्लिबनेट सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि एनईपी के तहत इनफ्लिबनेट की सुविधाओं का उपयोग देश के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है। यह सुविधा शोध एवं अध्ययन के स्तर को न केवल नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी बल्कि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को और भी सशक्त बनाएगी। इससे शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं तकनीक-समर्थ बनाने में मदद मिलेगी।
मुख्य अतिथि एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि इनफ्लिबनेट की सुविधा डीडीयू को शोध, शिक्षण एवं अध्ययन के क्षेत्र में एक नई दिशा देगी। यह विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय स्तर की डिजिटल शैक्षणिक सुविधाओं से जोड़ने का कार्य करेगी। इनफ्लिबनेट सेंटर, गांधीनगर के वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक कुमार और हितेश सोलंकी ने विभिन्न सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
ग्रंथालयी डॉ. बिभाष मिश्र ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी व आभार ज्ञापन प्रो. अनुभूति दुबे ने किया। इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी, प्रो. एसएन त्रिपाठी, प्रो. जितेन्द्र मिश्र, प्रो. संजय बैजल, प्रो. गौर हरि बेहरा, प्रो. सुधीर श्रीवास्तव, प्रो. दिनेश यादव, प्रो. शरद मिश्र, प्रो. दिव्या रानी सिंह, प्रो. शिखा सिंह आदि मौजूद रहीं।