मंडी में रोजाना आता है 150 टन आलू, रंगा आलू मंडी के बाहर से ही बेच देते हैं धंधेबाज
गोरखपुर। जिले में रंगा लाल आलू का धंधा बढ़ चुका है। मुनाफे के चक्कर में धंधेबाज लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। धंधेबाज मंडी के बाहर से ही से रंगा आलू बेच दे रहे हैं। फुटकर बाजारों में हर तरफ रंगा आलू धड़ल्ले से बिक रहा है।
महेवा मंडी में रोजाना लगभग 150 टन आलू का कारोबार होता है। मंडी में आलू बाराबंकी, उन्नाव, लखनऊ, बील्लौर, बागरमऊ और कानपुर से आ रहा है। मंडी में आलू व्यवसायियों का कहना है कि रंगा आलू का धंधा बाहर से कुछ धंधेबाज कर रहे हैं। फोन पर ही बाहर-बाहर माल मंगाया जा रहा है और इसे बेचा जा रहा है। वहीं, शहर के अलग-अलग मंडियों में कुछ ऐसी दुकानें हैं जहां बस आलू व प्याज ही बिकता है। इन दुकानों पर रंगा आलू मंगाया जाता है और ये बाजार की अन्य दुकानों से सस्ते में बेचते हैं। महेवा मंडी के मंडी सचिव डॉ. दिलीप वर्मा ने बताया कि रंगे आलू की शिकायत सामने आई हैं। मंडी में भी इसे चेक करवाया जाएगा। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिले में आठ हैं कोल्ड स्टोरेज
जिला उद्यान अधीक्षक पारसनाथ ने बताया कि जिले में लक्ष्य से ज्यादा आलू का उत्पादन होता है। 4900 हेक्टेयर के लक्ष्य से ज्यादा 5150 हेक्टेयर उत्पादन हो रहा है। उनका कहना था कि किसानों की सुविधा के लिए जिले में आठ कोल्ड स्टोरेज बनाए गए हैं। जिले में लगभग 25 मीट्रिक टन का उत्पादन होता है।