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Gorakhpur News: पक्षियों के कारण अब ट्रिप नहीं होंगी रेलवे की विद्युत लाइन

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पूर्वाेत्तर रेलवे में लगाया जा रहा है बर्ड गार्ड डिस्क, इसके लगने से फॉल्ट नहीं होगा
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अब तक 400 स्थानों पर लगाया गया, फॉल्ट होने के कारण कई बार रोकनी पड़ती हैं ट्रेनें
गोरखपुर। अब पक्षियों के बैठने से रेल पटरियों पर लगे ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन (ओएचई) में फॉल्ट नहीं होगा। फॉल्ट को रोकने के लिए बर्ड गार्ड डिस्क लगाया जा रहा है। पूर्वाेत्तर रेलवे में अब तक 400 स्थानों पर यह डिस्क लग चुका है।
दरअसल, ओएचई तक पक्षियों के पहुंचने के कारण अक्सर लाइन ट्रिप हो जाती हैं। इस कारण ट्रेनों को रोकना पड़ता है। जानकारी के मुताबिक, पूर्वाेत्तर रेलवे में हर महीने करीब दो से चार बार पक्षियों के कारण ओएचई लाइन ट्रिप हो जाती है। ओएचई कैंटिलीवर इंसुलेटर पर एंटी बर्ड गार्ड डिस्क पक्षियों के शरीर के जरिए इलेक्ट्रिक लाइन के फेज और अर्थ के बीच संपर्क बनने से रोकता है। इससे ट्रैक्शन सिस्टम सुरक्षित रहता है। इसकी खासियत यह भी है कि यदि पक्षी इस पर बैठ जाएं, तो पंख फैलाने पर भी लाइन तक नहीं पहुंच पाएंगे।
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मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि एंटी बर्ड गार्ड डिस्क आरडीएसओ से अप्रूव्ड है। यह नया सिस्टम पक्षियों के कारण ओवरहेड इलेक्ट्रिक को ट्रिप होने से रोकने के लिए लगाया जा रहा है। अभी तक 400 स्थानों में यह डिस्क लगा चुका है।
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क्या है बर्ड गार्ड डिस्क
यह डिस्क कंपोजिट पॉलिमर और पोर्सलीन दोनों तरह के इंसुलेटर पर लगाई जाती है। जरूरत के अनुसार इसे मेटल एंड फिटिंग या इंसुलेटर कोर पर फिट किया जा सकता है। इसके डिजाइन में सिलिकॉन रबर की ''''''''ओ'''''''' रिंग लगाई गई है, जिससे इंसुलेटर कोर को नुकसान नहीं होता। यह एक ही स्थान पर स्थिर रहता है। रसायनों से खराब नहीं होता। यूवी किरणों से सुरक्षित रहता है। आग पकड़ने की संभावना भी कम होती है। बिजली का अच्छा इंसुलेशन देता है। झटकों से टूटता नहीं। इसे लगाना भी आसान होता है।
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