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Gorakhpur News: राहुल अली का परिवार संदिग्ध..कहां से आकर बसे, किसी को पता नहीं

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बांसगांव/कौड़ीराम (गोरखपुर)। विशाल हत्याकांड में उसके खास दोस्त और इस मामले में आरोपी राहुल अली व उसके परिवार की नागरिकता पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि गांव में उनके घर और जमीन के कोई कागजात नहीं है। ग्रामीणाें का कहना है कि कबाड़ बीनने वाला यह परिवार कब और कहां से आकर यहां बस गया, इस बात की किसी को जानकारी नहीं है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि बांग्लादेश से आकर यहां परिवार अवैध तरीके से बस गया है, फिलहाल यह जांच का विषय है।
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घटना के बाद से ही कौड़ीराम के रानीपुर गांव निवासी राहुल अली और उसके परिजन घर पर ताला लगाकर फरार हैं। अमर उजाला की पड़ताल में राहुल अली के पिता वाहिद अली के नाम से रानीपुर मौजे में कोई जमीन नहीं मिली है। जब बांसगांव ब्लाॅक पर विकास खंड भिटहा ग्रामसभा के रानीपुर मौजे के परिवार रजिस्टर की जांच कराई गई तो वहां राहुल अली के पिता वाहिद अली या उनके परिवार के नाम का कोई भी कागजात नहीं मिला।

जिसने बसाया, उसको ही इनके बारे में कुछ नहीं पता

जानकारी के मुताबिक, कौड़ीराम में चर्चित मोथा सेठ हुआ करते थे। उनकी कौड़ीराम में बहुत सारी जमीन थी, लेकिन बेटे ना होने के कारण उनकी बेटी-दामाद वारिस हैं। मोथा सेठ के दामाद नसरुद्दीन ने बताया कि वर्ष 2001 के करीब राहुल अली का पिता वाहिद अली कौड़ीराम आया। यहां सड़क किनारे झोपड़ी डालकर वह परिवार के साथ रहता था। दिनभर कस्बे में कबाड़ बीनने का काम करता था। नसरुद्दीन ने बताया कि उनके पटीदार ने वाहिद अली को खाली जमीन में बसाया था। यह परिवार कहां से आया था, इसकी जानकारी किसी को नहीं थी।
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बिना नाम के ही लिया सरकारी योजना का लाभ
बताया जा रहा है कि सरकारी धन से वाहिद अली ने अपना मकान बनवाया है। जबकि, जमीन पर उसका नाम भी नहीं है, इसके बाद भी उसे सरकारी योजना का लाभ कैसे मिला, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में वर्तमान प्रधान प्रतिनिधि घनश्याम कसौधन ने बताया कि उनके पहले कार्यकाल में 2000 से 2005 के बीच वाहिद अली को आवास योजना का लाभ दिया गया है। वाहिद अली ने उस जमीन को दिखाकर ही वोटर आईडी कार्ड और अंत्योदय कार्ड भी बनवा लिया है, लेकिन उसके मूल निवास के बारे में कहीं कोई जिक्र नहीं है।


16 नवंबर को हुई थी छात्रनेता की हत्या
देवरिया में 16 नवंबर को छात्रनेता विशाल सिंह की हत्या की गई थी। इस मामले में शाहपुर इलाके के घोषीपुरवा का रजा मुठभेड़ में पकड़ा जा चुका है। हत्यारोपियों में शामिल घोषीपुरवा का फैज, कौड़ीराम का राहुल अली और देवरिया का विनोद जायसवाल फरार है।
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