रेडियोलॉजिकल सेफ्टी ऑफिसर के इस्तीफा देने से आई दिक्कत
गोरखपुर। एम्स में कैंसर मरीजों की रेडियोथेरेपी नहीं हो रही है। वजह यह कि रेडियोलाजिकल सेफ्टी आफिसर (आरएसओ) ने इस्तीफा दे दिया है। रेडियोथेरेपी के लिए आए मरीजों को दूसरे अस्पताल जाने के लिए कहा जा रहा है।
एम्स प्रशासन ने नए आरएसओ की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डाॅ. विभा दत्ता ने 19 मई से रेडियोथेरेपी की शुरुआत कराई थी। अब तक तकरीबन 100 मरीजों की रेडियोथेरेपी हो चुकी है। करीब दो सप्ताह पहले आरएसओ ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद अनुरोध कर एक सप्ताह काम लिया गया। एम्स में मीडिया सेल की चेयरपर्सन डा. आराधना सिंह ने कहा कि आरएसओ की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही नियुक्ति कर रेडियोथेरेपी शुरू कराई जाएगी।
नियुक्ति के लिए 40 ने किया है आवेदन
एम्स प्रशासन ने आरएसओ पद पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक करीब 40 लोगों ने आवेदन किया है। सितंबर में साक्षात्कार के जरिये चयन होगा। प्रक्रिया पूरी होने में महीने भर का समय लग जाएगा। तब तक यह सुविधा मरीजों को नहीं मिल पाएगी।