गुजरात से घर आ रहे चार युवकों की मौत से छिन गईं परिवार की खुशियां
खोराबार/झंगहा (गोरखपुर)। होली और ईद मनाने गुजरात से घर आ रहे युवकों की मौत के बाद उनके परिवार की खुशियां छिन गईं। मौत की जानकारी पर उनके घरों में चीख पुकार मची है। घर पर रिश्तेदारों के साथ ही आस-पास के गांव के लोग भी पहुंच गए थे।
जानकारी के मुताबिक, खोराबार क्षेत्र के तरकुलही जासोपुर निवासी प्रेमचंद पासवान गुजरात में आर्गन वेल्डर के ठेकेदार थे। उनके साथ ही इस इलाके के मोहम्मद शकील, मीठाबेल के शब्बीर अली और झंगहा क्षेत्र के अमहिया निवासी विश्वजीत भारती भी काम करते थे। इस बार एक ही महीने में पहले होली फिर ईद है। इसको देखते हुए सभी ठेकेदार प्रेमचंद पासवान के साथ ही उनकी गाड़ी से गोरखपुर आ रहे थे। घर से महज 100 किमी पहले सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई। बस्ती में ही पोस्टमार्टम कराया जा रहा था, देर शाम तक चारों युवकों का शव नहीं पहुंच सका था।
प्रेमचंद के बच्चे कर रहे पिता का इंतजार
प्रेमचंद पासवान की तीन बेटियां और एक बेटा है। तीन बेटियों में अनीशा (06), ओम्मी (04), अंकित (03) और बड़ा बेटा अविनाश (15) अपने पिता का इंतजार कर रहे थे। रात के समय बात भी हुई थी। अनीशा, ओम्मी व अंकिता को पता भी नहीं है कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। वहीं पत्नी मालती देवी को बार-बार रोते-रोते अचेत हो जा रही हैं। बोल रही हैं कि रात के समय बात हुई तब सब ठीक था, सुबह इतनी बड़ी घटना हो गई। वहीं खोराबार इलाके के ही मोहम्मद शकील के तीन बच्चे सलीम (11), समीर(09), बेटी रुक्सार (04) हैं। उनकी पत्नी ने बताया कि सभी बच्चे बहुत खुश थे कि अब्बू सुबह आ रहे हैं। मोहम्मद शकील गुजरात में हार्डवेयर की दुकान चलाते थे।
पांच माह पूर्व मजदूरी करने गया था विश्वजीत
झंगहा के जंगल गौरी नंबर 02 उर्फ अमहिया गांव के लुहठहिया टोला निवासी हरिश्चंद्र के 17 वर्षीय पुत्र विश्वजीत पांच माह पूर्व गुजरात मजदूरी करने गया था। विश्वजीत माता-पिता का एकलौता बेटा था। 28 फरवरी को गांव में ही विश्वजीत की दादी मेवाती देवी का सड़क हादसे में मौत हो गई थी। 12 मार्च को दादी का ब्रह्मभोज था, इसमें शामिल होने वह घर आ रहा था। विश्वजीत की शादी नहीं हुई है। पिता मजदूरी करते हैं। विश्वजीत की तीन बहनें मनीषा, नेहा व काजल हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जबकि मीठाबेल के शब्बीर गुजरात में मजदूरी का काम करता था। गांव में मौत की खबर मिलने के बाद सन्नाटा पसर गया। परिजन बस्ती रवाना हो गए थे।