पिपरौली। गीडा के अमटौरा गांव से बृहस्पतिवार को पुलिस फोर्स हटा ली गई। इसके बाद गांव में भी चहल-पहल बढ़ गई। आरोपी पक्ष की तरफ से भी गीडा थाने में तहरीर दी गई है, इसमें मृतक शिवधनी समेत परिवार के सदस्यों पर मारपीट का आरोप लगाया गया है। पुलिस अब शिवधनी के परिवार पर भी केस दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
इस बात की क्षेत्र दिनभर चर्चा होती रही है। लोग ये भी बोल रहे थे कि ऐसा हुआ तो यह मुद्दा और गरम हो सकता है। पुलिस फोर्स के हटने के बाद दिनभर लोग खुलकर हत्या के बारे में ही चर्चा करते रहे।
तीन दिसंबर घटना वाले दिन से ही हत्यारोपी शशि कांत सिंह उर्फ पिकलू के घर पर बवाल की आशंका में पीएससी तैनात है। पुलिस फोर्स हटने के बाद पीएसी की डयूटी वहां लगी हुई है। आरोपी के घर के लोग घटना के बाद से ही कहीं और रह रहे हैं। घर पर हमला कर तोड़फोड़ या आगजनी जैसी घटना न हो इसके लिए पीएससी तैनात है।
मुख्य आरोपी जेल में, अन्य का हट सकता है नाम
घटना में पांच आरोपियों पर केस दर्ज कर चार दिसंबर को मुख्य आरोपी शशि कांत सिंह उर्फ पिकलू को बंदूक के साथ गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया था। पिकलू के सिर पर भी गंभीर चोटें थीं। सूत्रों की माने तो अन्य आरोपियों की संलिप्तता की जांच पुलिस कर रही है। मोबाइल और सीसीटीवी कैमरे के आधार पर अन्य आरोपी घटना वाले दिन कहीं और मिले हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इस केस से अन्य आरोपियों के नाम निकाले जा सकते हैं।
बैरिकेडिंग हटने से राहत में ग्रामीण
अमटौरा गांव में हर आने जाने वाली सड़क पर बैरिकेडिंग कर पुलिस का सख्त पहरा था। आईकार्ड देखकर लोगों को गांव में प्रवेश दिया जा रहा था। इससे लोग डरे और सहमे हुए थे। ग्रामवासियों को रास्ता बदल कर आना जाना पड़ रहा था। इससे दूरी बढ़ गई थी, जिससे सभी परेशान थे। बृहस्पतिवार को पुलिस फोर्स हटी तो लोगों ने राहत महसूस किया। शिवधनी की मौत की दसवीं पर घरवालों ने बाल बनवाए। इसमें ग्रामीण शामिल हुए।
तीन दिसंबर को हुई थी हत्या
तीन दिसंबर को अमटौरा गांव में शाम तीन बजे मारपीट के बाद शिवधनी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें शिवधनी की पत्नी भी घायल हो गई थीं। जिनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। घटना के बार राजनीति शुरू हो गई और नेताओं का आना-जाना शुरू हो गया। इसे रोकने के लिए जैतपुर अमटौरा मार्ग, जैतपुर बनौडा मार्ग, अमटौरा अड़ीलापार मार्ग, अमटौरा बनौडा मार्ग, अमटौरा पिपरौली मार्ग समेत अन्य रास्तों पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी।