यूपी के अलावा उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी कंपनी ने की है ठगी
यूपी में गोरखपुर के अलावा बाराबंकी और वाराणसी में भी पहले से दर्ज हैं केस
गोरखपुर। शाहपुर इलाके में व्यापारियों को लगभग छह करोड़ रुपये का चूना लगाकर भागी इंदौर की एलयूसीसी (दी लोनी अर्बन मल्टी स्टेट थ्रेफ्ट कोआपरेटिव सोसाइटी) कंपनी ने उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी ठगी की है। वहां की पुलिस भी कंपनी के संचालक की तलाश में जुटी है। कंपनी के जिम्मेदारों पर यूपी में गोरखपुर के अलावा बाराबंकी और वाराणसी में भी केस दर्ज हैं।
इसके बाद से ही महाराष्ट्र के पुणे का रहने वाला एमडी समीर अग्रवाल भागा हुआ है। चर्चा है कि वह दुबई भाग गया है। ऐसे में शाहपुर पुलिस इस कंपनी से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि अभी तीन और राज्यों में मामले सामने आए हैं। कुछ और राज्यों के मामले भी सामने आ सकते हैं।
शाहपुर पुलिस के अनुसार, सोमवार को केस दर्ज करने के बाद जांच में पता चला कि कंपनी के अज्ञात संचालक और एमडी समीर अग्रवाल ने गोरखपुर समेत अन्य जिलों और प्रदेशों में दी लोनी अर्बन मल्टी स्टेट थ्रेफ्ट कोआपरेटिव सोसाइटी नाम से वर्ष 2017 में कंपनी का कार्यालय खोलकर जनता को रुपये दोगुने करने का लालच दिया। कूटरचित बांड देकर रुपये जमा कराए और बाद में कंपनी बंद कर फरार हो गए थे।
पुलिस के मुताबिक, यह कंपनी आरबीआई में पंजीकृत नहीं है। वह बैंकिंग के नाम पर धोखाधड़ी कर रही थी। अब तक अकेले गोरखपुर में छह करोड़ से अधिक की जालसाजी की बात सामने आई है। उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में भी कंपनी के खिलाफ मामले दर्ज हैं। फर्जी कंपनी के संचालन में शामिल लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
यहां से हड़पी गई रकम
पुलिस की जांच में सामने आया है कि बाराबंकी से दो करोड़, उत्तराखंड से 190 करोड़, वाराणसी से तीन करोड़ और गोरखपुर से छह करोड़ रुपये हड़पकर कंपनी का एमडी भाग गया है। अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क कर आरोपी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
वर्जन
पुलिस प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच में मिले तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। एजेंटों से भी पूछताछ कर जानकारी ली जाएगी।
-रवि सिंह, सीओ गोरखनाथ