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Gorakhpur News: राप्ती नदी पर बन रहे पुल के तिरछे पिलर को सीधा करने पहुंची पोकलेन

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स्लैब तोड़ने का उपकरण रात तक पहुंचने की उम्मीद, आने के बाद सीमेंटेड स्लैब को तोड़ा जाएगा
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नदी के बीच में पानी के अंदर बन रहे पिलर के नीचे पत्थर का स्लैब पड़ने से हो गया था तिरछा


गोरखपुर। राजघाट पुल के निर्माणाधीन पिलर के नीचे पड़ रहे सीमेंटेड स्लैब को तोड़ने के लिए शनिवार को हैवी पोकलेन मशीन राजघाट नदी तट पर पहुंच गई। यह मशीन बेल्थरा से मंगाई गई है। शनिवार की देर शाम तक स्लैब तोड़ने के लिए प्रयोग होने वाले कुछ उपकरण नहीं पहुंच सका था। इसके देर रात तक राजघाट पहुंचने की उम्मीद हैं। इसके बाद रविवार को पिलर के नीचे सीधा किया जाएगा।
राप्ती नदी के पुल के दोनों ओर दो-दो लेन के एक-एक नए पुल का निर्माण चल रहा है। नौसड़ से टीपीनगर की लेन में 10 पिलर बनाए जा रहे हैं। 10 पिलर का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन बीच का एक पिलर झुक गया है। इधर बरसात से पहले पिलर बनाने का कार्य पूरा करना है, लेकिन बीच नदी में झुके पिलर के चलते सारा कामकाज प्रभावित हो गया। यह देख इंजीनियरों ने बीते दिनों पत्थर तोड़ने के लिए लखनऊ से हैवी क्षमता की पोकलेन मशीन मंगाई गई थी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली है। काम कर रहे लोगों का कहना है कि नदी के बीच में नीचे सीमेंटेंड स्लैब है। इसके बाद इसे तोड़ने के लिए बेल्थरा से हैवी पोकलेन मशीन मंगाई है। उपकरण के अभाव में शनिवार को दिनभर पोकलेन मशीन राप्ती नदी के तट पर खड़ी रही। वहां तैनात मजदूरों व अधिकारियों ने बताया कि सीमेंटेड स्लैब तोड़ने के लिए उपकरण नहीं आने के चलते कार्य नहीं शुरु कराया। उपकरण आने के बाद स्लैब को तोड़ कर पिलर को सीधा करवा दिया जाएगा। मजदूरों ने बताया कि पूर्व में आई पोकलेन से काफी हैवी इस बार मंगाई गई पोकलेन है। यह स्लैब को तोड़ने में जरूर कामयाब होगी।
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राप्ती नदी पर वर्तमान पुल के दोनों तरफ दो-दो लेन का पुल बनाने का काम चल रहा है। एक तरफ का एक पिलर नीचे में पत्थर होने के चलते झुक गया था। इसी को तोड़ने के लिए हैवी पोकलेन मंगाई गई है। पत्थर को तोड़वाकर पिलर सीधा कराया जाएगा।
एके सिंह, अभियंता, सेतु निगम

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