दो जिलों की सीमा के 20 से ज्यादा गांवों के लोगों की बढ़ीं मुश्किलें
डाक व पार्सल भी जाता है पहले महराजगंज फिर आता है गोरखपुर
इन गांवों का पोस्टल ऑफिस भटहट में इसलिए आधार कार्ड में पिन कोड नंबर आता है गोरखपुर का
गोरखपुर। गोरखपुर और महराजगंज की सीमा पर करीब 20 से ज्यादा गांवों के लगभग 25 हजार लोग उलझकर रह गए हैं। ये गांव महराजगंज में हैं और इन्हें जिस डाकघर का पिन कोड आवंटित है, वह भटहट, गोरखपुर का है। यही पिनकोड आधार कार्ड में भी पड़ा है। ऐसे में ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल), वाहनों के रजिस्ट्रेशन पेपर में नाम ट्रांसफर कराने के आवेदन निरस्त हो जा रहे हैं। यही नहीं, अगर कोई रजिस्ट्री या पार्सल भी है तो वह पहले महराजगंज डाकघर में जाता है फिर लौटकर भटहट भेजा जाता है।
दरअसल, महराजगंज जिला भी पहले गोरखपुर में ही था। उस दौरान भटहट डाकघर के पांच उप डाकघर महराजगंज जिले में संचालित थे। जिला बंटने के बाद डाकघर के संचालन में बदलाव नहीं किया गया। अभी भटहट डाकघर से करीब 20 गांवों में पोस्टल सेवा होती है, जिसमें मंगलपुर, सुमेरगढ़, बरगदवां, नरायनपुर, नटवा, राजगढ़, बलुआभार, बडहरा, पिपरपाती, महुआ आदि गांव शामिल हैं। यहां रजिस्ट्री से लेकर पार्सल तक भटहट से ही भेजा जाता है।
इन गांवों के लोगाें के आधार कार्ड पर पिनकोड-273306 भटहट का दर्ज है, जबकि महराजगंज का पिन कोड 273503 होना चाहिए। आरटीओ ने जब से ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था कर दी है, साफ्टवेयर ऑटोमेटिक पिन कोड डाकघर के अनुसार उठा लेता है।
नेटवा गांव के बबलू गुप्ता ने बताया कि महराजगंज में एक और गांव का नाम नेटवा है। अब हम लोग पार्सल मंगाते हैं तो पहले उस गांव में जाता है। फिर लौटकर भटहट डाकघर भेजा जाता है। यहां से हमें मिलता है। इसमें कई दिन लग जाते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस हो या रजिस्ट्रेशन पेपर, सभी में दिक्कत आ रही है।
इसी तरह मंगलपुर में हार्डवेयर के दुकानदार अष्टभुजा दूबे का कहना है कि उन्होंने बाइक और ट्रैक्टर खरीदी है। दोनों पर भटहट का पिन कोड चढ़ा है। अब बेचने में दिक्कत होगी, क्योंकि गलत पिन कोड के चलते ट्रांसफर पेपर नहीं बनेगा।
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केस एक
सुमेरगढ़ गांव के रजनीश दूबे ने बताया कि उनका गांव महराजगंज जिले में है। आधार कार्ड में पिन कोड 273306 है, जो गोरखपुर के भटहट का है। उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। आधार नंबर डालने पर पिन कोड गोरखपुर का दिखने लगा जबकि उनका पता महराजगंज जिले का है। ऐसे में उनका आवेदन निरस्त हो गया। आरटीओ दफ्तर में संपर्क किया तो सही जवाब नहीं मिला। उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि डीएल कैसे बनेगा।
केस दो
श्यामदेउरवा के सूरज पांडेय का कहना है कि उन्हें अपनी बाइक बेचनी है। बातचीत हो गई है, लेकिन रजिस्ट्रेशन पेपर ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है। ऑनलाइन आवेदन में आधार नंबर दर्ज करते ही ऑटोमेटिक पिन कोड भटहट का उठा ले रहा है। जब तक महराजगंज जिले के डाकघर से नहीं जुड़ेंगे, यह समस्या बनी रहेगी।
वर्जन
मामले की जानकारी नहीं थी। संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर जांच कराकर देखा जाएगा कि त्रुटि कहां से है। इसे ठीक कराने का प्रयास किया जाएगा।
-गौरव श्रीवास्तव, पोस्ट मास्टर जनरल, गोरखपुर परिक्षेत्र
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मामले की जानकारी नहीं थी। अगर इस तरह का मामला है तो टेक्निकल विशेषज्ञों को अवगत कराया जाएगा। समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
विनय कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी