इंश्योरेंस ठगी: रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन और दवाओं की लिस्ट भी एक जैसी पाई गई
गोरखपुर। डिसेंट हॉस्पिटल में हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम में फर्जीवाड़े के मामले की जांच के दौरान विवेचक को कुछ संदिग्ध ट्रांजेक्शन और समान पैटर्न वाले कागजात मिले। इससे संतकबीरनगर के दो अस्पतालों का नाम भी सामने आ गया। जांच अधिकारियों के मुताबिक, विवेकानंद हॉस्पिटल की फाइलों में एक ही पते और मोबाइल नंबर वाले कई मरीजों के नाम से अलग-अलग तारीखों पर भर्ती दिखाया गया है। रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन और दवाओं की लिस्ट भी एक जैसी पाई गई है। इससे स्पष्ट है कि फर्जी मरीजों के नाम पर क्लेम बनाकर बीमा कंपनियों से लाखों रुपये की ठगी की गई।
विवेचक ने दोनों अस्पताल संचालकों और सीएमओ को नोटिस भेजा है, जिसमें सात दिन के भीतर संबंधित दस्तावेज और स्पष्टीकरण मांगा गया है। पुलिस ने कहा है कि यदि संचालक जांच में सहयोग नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब फर्जीवाड़े से जुड़े बैंक खातों और पैसों के ट्रांजेक्शन की जांच के लिए इकनॉमिक सेल और साइबर टीम की मदद ले रही है।
यह है मामला
यह मामला बजाज आलियांज फाइनेंस कंपनी की शिकायत से सामने आया। कंपनी ने पुलिस को बताया था कि दिल्ली निवासी सत्यदीप के नाम पर गोरखपुर के एक अस्पताल से फर्जी तरीके से 1.80 लाख रुपये का क्लेम निकाला गया। जब कंपनी ने सत्यदीप से संपर्क किया तो उसने साफ कहा कि वह कभी किसी अस्पताल में भर्ती ही नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने विवेचना तेज की और मामला कई अस्पतालों तक जा पहुंचा।