गोरखपुर। आयुष्मान कार्ड गरीब लोगों के इलाज में सुविधा बढ़ाने की जगह परेशानी का सबक बन रहा है। मरीजों के साथ तीमारदार आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। जिला अस्पताल में मरीजों के ऑपरेशन भी इसके कारण प्रभावित हो रहे हैं।
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में आयुष्मान कार्ड बनवाकर निशुल्क इलाज के लिए लोग आते हैं। इधर पोर्टल संबंधित समस्या के कारण लोगों का आयुष्मान कार्ड पेंडिंग दिखाई दे रहा है। इसे सही होने में सप्ताह से लेकर महीने तक लग जा रहा है। तुरंत इलाज की आवश्यकता होने पर लोग पैसे देकर इलाज करा रहे हैं। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में प्रतिदिन 200 से अधिक लोग आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आते हैं। पोर्टल पर डाटा के 85 प्रतिशत मिलान होने के बाद ही आयुष्मान कार्ड बन पाता है।
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड और राशन कार्ड के विवरण की जरूरत होती है। पोर्टल की दिक्कत के कारण 80 प्रतिशत लोगों का आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है। महिला अस्पताल में जटेपुर उत्तरी की बबिता देवी सप्ताह भर से आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन अप्रूव होने का इंतजार कर रही है। आयुष्मान कार्ड बन जाने से इलाज निशुल्क होने के इंतजार में डिलीवरी का दिन आ गया।
बुधवार को परिजनों ने आपरेशन के लिए लगने वाले शुल्क को देकर डिलीवरी करवायी। पति कन्हैया का कहना है कि आयुष्मान कार्ड के लिए पहले से आवेदन दिया था। अंतिम दिन तक कार्ड पेंडिंग में दिखाता रहा। इस कारण कई दिन इंतजार करना पड़ा। अंत में शुल्क जमा कर ऑपरेशन कराया। वहीं अस्पताल में आने वाले अन्य मरीज भी आयुष्मान कार्ड के पेंडिंग की समस्या के कारण रोज अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं।
दो दिन ही चला 70 वर्ष से अधिक लोगों के लिए पोर्टल
जिले में 27 और 28 सितंबर दो दिन आयुष्मान कार्ड के लिए पोर्टल पर विकल्प दिखाई दे रहा था। इसके बाद इस विकल्प को पोर्टल से हटा लिया गया। सरकार ने 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को आयुष्मान कार्ड देने की घोषणा की है। स्पष्ट दिशा निर्देशों के अभाव में जिला अस्पताल में प्रतिदिन बुजुर्ग आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए भटक रहे हैं।
आयुष्मान कार्ड के जिला समन्वयक बैजनाथ चौरसिया ने बताया कि आधार कार्ड और राशन कार्ड के डाटा का मिलान नहीं हो पाने के कारण लोगों का आयुष्मान कार्ड पेंडिंग दिखा रहा है। मरीज के डाटा के मिलान के बाद ही कार्ड अप्रूव हो पाता है। आने वाले लोगों को इंतजार करने के लिए कह रहे हैं।