चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू से निजात के बाद अब वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने पर जोर
एक जोड़ी लकड़बग्घे आने के बाद चिड़ियाघर में बढ़ेगा कुनबा
गोरखपुर। चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू से निजात के बाद अब वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने की तैयारी है। इसी कड़ी में बुधवार को कानपुर चिड़ियाघर से लकड़बग्घों की एक जोड़ी यहां लाई गई। क्वारंटीन समय पूरा करने के बाद दर्शक इनका दीदार कर सकेंगे।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में पहले से सिर्फ एक लकड़बग्घा है। चिड़ियाघर की एक विशेष टीम कानपुर से लकड़बग्घे की एक जोड़ी लेकर बुधवार रात में गोरखपुर पहुंची। अब इनकी संख्या बढ़कर तीन हो गई है।
बर्ड फ्लू से निजात के बाद से गोरखपुर चिड़ियाघर में वन्यजीवों की विविधता और संख्या बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी योजना के तहत अलग-अलग प्रजातियों के जानवर और पक्षी यहां लाने की तैयारी है। अधिकारियों का मानना है कि नए जीवों के आने से न केवल चिड़ियाघर का आकर्षण बढ़ेगा, बल्कि शोध और संरक्षण की दिशा में भी यह एक अहम कदम होगा।
चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य पशु चिकित्सक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि लकड़बग्घों की जोड़ी के आने से यहां उनका प्रजनन भी संभव होगा जिससे भविष्य में इनकी संख्या और बढ़ सकती है। लकड़बग्घा प्रजाति का संरक्षण जरूरी है क्योंकि ये वन्यजीव पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गोरखपुर चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटक अब एक साथ तीन लकड़बग्घों को देख पाएंगे।