कोर्ट ने विभागीय कार्रवाई के लिए एसएसपी को भेज पत्र
एक केस की न तो जांच रिपोर्ट भेजी न खुद हाजिर हुए थानाप्रभारी
गोरखपुर। केस की सुनवाई के दौरान जांच रिपोर्ट न भेजने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए शाहपुर थानाध्यक्ष पर केस दर्ज करने का आदेश दिया है। आरोप है कि कोर्ट के बार-बार आदेश देने के बाद भी थानाध्यक्ष ने जांच रिपोर्ट नहीं भेजी और न ही खुद पेश हुए। साथ ही कोर्ट ने एसएसपी को पत्र भेजकर थानाध्यक्ष के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही है।
यह मामला एक महिला की शिकायत से जुड़ा है, जिसमें कोर्ट ने शाहपुर थाने से जांच रिपोर्ट मांगी थी। तय समय बीत जाने के बाद भी थानाध्यक्ष ने न तो कोर्ट में रिपोर्ट भेजी और न ही खुद हाजिर हुए। इस दौरान कोर्ट की ओर से कई बार तारीखों पर नोटिस भी भेजा गया, लेकिन पुलिस की ओर से कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। इस पर कोर्ट ने साफ कहा कि कानून के आदेश को नजरअंदाज करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कोर्ट ने अगली सुनवाई 4 अगस्त को रखी है। कोर्ट ने साफ किया है कि थानाध्यक्ष को खुद आकर जवाब देना होगा, वरना एकतरफा फैसला लिया जाएगा। यही नहीं, कोर्ट ने एसएसपी को भी पत्र भेज कर थानाध्यक्ष पर विभागीय कार्रवाई कर उसकी पूरी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपने की बात कही है।
कानून की गरिमा से खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं
कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर कोई अधिकारी कोर्ट के आदेशों को गंभीरता से नहीं लेता, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। न्याय में रुकावट पैदा करना अब किसी के लिए भी आसान नहीं होगा। कानून और कोर्ट की गरिमा के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता।