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Gorakhpur News: छोटा चीरा लगाकर किया कूल्हे से जांघ को जोड़ने वाली हड्डी का ऑपरेशन

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एम्स ट्रॉमा के चिकित्सकों में 60 वर्षीय श्रमिक का सफल ऑपरेशन
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गोरखपुर। एम्स के ट्रॉमा एंड इमरजेंसी विभाग के चिकित्सकों ने 60 वर्षीय श्रमिक के दाहिनी एंटीरियर कॉलम एसेटैबुलर फ्रैक्चर का बेहद कम जोखिम वाली उन्नत तकनीक से सफल ऑपरेशन किया है। यह ऑपरेशन बिना बड़ा चीरा लगाए मिनिमली इनवेसिव स्क्रू फिक्सेशन तकनीक से किया गया, जिसमें सिर्फ एक छोटा सा चीरा लगाया गया और लगभग बिना रक्तस्राव के ही पूरी प्रक्रिया पूरी हुई।
मरीज बिहार के सीवान जिले का रहने वाला राजगीर मिस्त्री है। दीपावली के दिन मरम्मत कार्य के दौरान वह सीढ़ी से गिर गया था, जिससे उसके कूल्हे और रीढ़ की हड्डी को जोड़ने वाले सैक्रोइलियक ज्वाइंट में गंभीर फ्रैक्चर हो गया। इसके साथ ही दाहिने कूल्हे से जांघ की हड्डी को जोड़ने वाली एंटीरियर कॉलम एसेटैबुलर हड्डी भी टूट गई थी। दर्द इतना ज्यादा था कि मरीज के लिए चलना-फिरना तक कठिन हो गया था।
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एम्स ट्रॉमा टीम ने सर्जरी के दौरान सैक्रोइलियक ज्वाइंट फिक्सेशन और एसेटैबुलर फिक्सेशन दोनों कार्य एक छोटे चीरे के माध्यम से संभव किए। एम्स के विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक बुजुर्ग मरीजों के लिए काफी लाभदायक है क्योंकि इसमें ऊतक क्षति और रक्तस्राव बेहद कम होता है तथा ऑपरेशन में भी कम समय लगता है। सामान्य परिस्थितियों में जहां इस सर्जरी में तीन से चार घंटे लगते और कई टांके लगाने पड़ते, वहीं एम्स में यह ऑपरेशन सिर्फ 30 मिनट में पूरा किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और मरीज को केवल 24 घंटे में अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई।
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