भूमि की तलाश करने के लिए बस संचालकों को एआरटीओ ने दिया दो दिन का समय
गोरखपुर। नौसड़ चौराहा से निजी स्लीपर बसों के संचालन पर रोक लगेगी। पेट्रोल पंप पर खड़ी होने वाली बसों को भी हटाया जाएगा। आरटीओ प्रशासन की सख्ती पर बस संचालक पार्किंग स्टैंड बनाने के लिए भूमि की तलाश में जुटे हैं। एआरटीओ (प्रशासन) ने बताया कि भूमि की तलाश करने के लिए बस संचालकों को दो दिन का समय दिया गया है।
नौसड़ चौराहा से लगभग 250 निजी स्लीपर बसें विभिन्न शहरों के लिए चलती हैं। इन बसों को खड़ा करने के लिए कोई स्थान निर्धारित नहीं है। बसों को सड़क पर खड़ी करके चालक यात्रियों को बैठाते हैं। इससे आए दिन जाम लगता है। दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यात्रा से लौटने के बाद चालक अपनी बसों को चौराहे के आसपास पेट्रोल पंपों के परिसर में खड़ी करते हैं।
इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए आरटीओ प्रशासन ने कालेसर में एक निजी भूमि में पार्किंग स्टैंड बनाने का प्रस्ताव रखा, लेकिन बस मालिक सहमत नहीं है। बस मालिकों ने डीएम को पत्र भेजकर नौसड़ के आसपास ही स्टैंड बनवाने की मांग की है। उधर स्वयं भी भूमि की तलाश कर रहे हैं। लखनऊ की ओर जाने वाली बसों के लिए खजनी रोड पर फोरलेन हाईवे किनारे और वाराणसी रूट की बसों के लिए बाघागाड़ा के आसपास भूमि खोजी जा रही है। अलग-अलग जगहों पर स्टैंड की व्यवस्था बन जाने से यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। पार्किंग स्टैंड परिसर में प्रसाधन, बैठने के लिए शेड, सीसी कैमरा इत्यादि की व्यवस्था हो सकेगी।