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Gorakhpur News: जनपद में सिर्फ 51 पशु आश्रय केंद्र, खेतों में घूम रहे छुट्टा पशु

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सरकार का सख्त है निर्देश सिवान व सड़क पर न दिखाई दें पशु, हर ग्राम में बनाया जाना है पशु आश्रय केंद्र
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गोरखपुर। छुट्टा पशुओं से फसलों के होने वाले नुकसान को बचाने के लिए शासन का निर्देश है कि जिले में पशु आश्रय केंद्र बनाकर छुट्टा पशुओं को वहां रखा जाए। लेकिन इस समय जिले में 51 पशु आश्रय स्थल बनाए गए हैं। उनमें 4800 पशुओं को रखा गया है। इसके बाद भी बहुत से छुट्टा पशु गांव के सिवान और सड़कों पर घूम रहे हैं।
छुट्टा पशुओं से फसलों के हो रहे नुकसान की शिकायत आए दिन किसान करते रहते हैं। विपक्ष भी इस पर सवाल उठाता रहा। इसे देखते हुए पिछले साल शासन की तरफ से उन पशुओं को पकड़ने के लिए चार काऊ कैचर उपलब्ध कराया गया है। कुछ दिनों तक उसे जगह जगह लगाकर पशुओं को पकड़ा गया। लेकिन अब उस पर कार्य नहीं हो रहा है। पशु पालन विभाग के एक जिम्मेदार के मुताबिक इसकी शिकायत होने पर उसे भेजा जाता है। जबकि शासन की तरफ से हर ग्राम सभा में ग्राम समाज की जमीन पर गो-आश्रय स्थल केंद्र बनाने को कहा गया था। बावजूद इसके अब तक जनपद में मात्र 51 केंद्र बने हुए हैं। पशुपालन विभाग की तरफ से बताया गया कि सेवई बाजार और चौरी चौरा में दो बड़े गो-आश्रय स्थल का निर्माण कराया जा रहा है। इनके बन जाने पर यहां पर एक हजार से अधिक पशुओं को रखा जाएगा।
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जहां पर छुट्टा पशुओं की जानकारी हो रही है उसे पकड़ने की व्यवस्था की जा रही है। हर गांव में जमीन नहीं मिली है। इसलिए हर गांव में पशु आश्रय स्थल का निर्माण नही हो पा रह है। जहां जमीन मिलेगी, वहां पशु आश्रय स्थल बनेगा।
डॉ.धर्मेंद्र पांडे मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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