एनईआर ने स्वीकृति के लिए सात माह पहले बोर्ड को भेजी है डीपीआर
गोरखपुर। डोमिनगढ़ से खलीलाबाद तक बनने वाली तीसरी लाइन के लिए अभी और इंतजार करना होगा। 34 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन की डीपीआर को सात माह बाद भी बोर्ड से स्वीकृति नहीं मिल सकी है। तीसरी लाइन बिछ जाने से मालगाड़ियों का संचलन आसान हो जाएगा। साथ ही यात्री ट्रेनों को भी कैंट और नकहा स्टेशन पर रोकना नहीं पड़ेगा।
रेलवे बोर्ड ने लाइन की क्षमता बढ़ाने के लिए खलीलाबाद से बैतालपुर तक फाइनल लोकेशन सर्वे की अनुमति साल 2023 में दी थी। मंजूरी के बाद सर्वे के लिए बजट भी आवंटित हो गया था। डोमिनगढ़-खलीलाबाद के लिए करीब 60 लाख रुपये मिले थे। सितंबर 2024 में तीसरी लाइन का सर्वे कर 545 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर बोर्ड को स्वीकृति के लिए भेज दी गई थी। तीसरी लाइन बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा रूट पर चलने वाली मालगाड़ियों के लिए फ्रेट कॉरिडोर साबित होगी। मालगाड़ियों के साथ यात्री ट्रेनों का संचालन भी दुरुस्त हो जाएगा।
वर्जन
डोमिनगढ़ से खलीलाबाद तक तीसरी लाइन की डीपीआर रेलवे बोर्ड को भेज दी गई है। यह लाइन बिछाने में 545 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। बोर्ड से डीपीआर को मंजूरी मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ