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Gorakhpur News: अब आर्ट पेपर पर पढ़ सकेंगे श्रीमद्भागवत महापुराण... प्रकाशन प्रक्रिया शुरू

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गीता प्रेस : कलर सेटिंग का कार्य 50 प्रतिशत पूरा
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गोरखपुर। पाठकों की मांग पर गीता प्रेस अब श्रीमद्भागवत महापुराण का चित्रमय प्रकाशन करने जा रहा है। इससे पहले श्रीमद्भगवद्गीता, गीता प्रबोधिनी सहित कई महत्वपूर्ण ग्रंथों को चित्रमय प्रकाशित किया जा चुका है। यह ग्रंथ आर्ट पेपर पर प्रकाशित किया जाएगा। इसकी कलर सेटिंग का पचास प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।



धार्मिक पुस्तकों के प्रकाशन में गीता प्रेस ने देश ही नहीं, विदेशों में भी एक असाधारण उदाहरण प्रस्तुत किया है। सस्ती दर पर उच्च गुणवत्ता की धार्मिक पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए गीता प्रेस प्रसिद्ध है। अब श्रीमद्भागवत महापुराण का चित्रमय प्रकाशन होने जा रहा है। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
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इससे पहले गीता प्रेस ने इसी तरह श्रीरामचरितमानस, श्रीमद्भगवद्गीता, गीता प्रबोधिनी, श्रीदुर्गासप्तशती, संक्षिप्त शिवपुराण और सुंदरकांड को भी चित्रमय रूप में प्रकाशित किया है। गीता और मानस के साथ अन्य धार्मिक ग्रंथों की बढ़ती मांग को देखते हुए प्रबंधन ने अब श्रीमद्भागवत महापुराण को भी इसी फॉर्मेट में प्रकाशित करने का निर्णय लिया है।



पुस्तक का पहला खंड दो महीने में उपलब्ध होगा, जबकि दूसरे खंड का प्रकाशन उसके बाद शुरू होगा। गीता प्रेस 15 भाषाओं में धार्मिक ग्रंथों का प्रकाशन करता है। हिंदी भाषा में पहले चरण में लगभग 3,000 पुस्तकों का प्रकाशन किया जाएगा। पहले यह पुस्तक साधारण पेपर पर ही छपती थी।
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वर्जन



पाठक काफी समय से श्रीमद्भागवत महापुराण को चित्रमय प्रकाशित करने की मांग कर रहे थे। 2021 में गीता के पहले संस्करण की मांग इतनी अधिक हुई कि पांच वर्ष के भीतर कई संस्करण प्रकाशित करने पड़े। आर्ट पेपर पर प्रकाशित पुस्तकों की बिक्री में काफी वृद्धि हो रही है।



- लालमणि तिवारी, प्रबंधक, गीता प्रेस
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