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Gorakhpur News: गीडा में आठ सेवाओं के लिए अब होगा ऑनलाइन आवेदन

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गीडा प्रशासन ने पत्र जारी कर उद्यमियों को दी जानकारी
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गोरखपुर। गीडा में फैक्टरी लगाने वाले उद्यमियों को समय विस्तार और लीज डीड ट्रांसफर समेत आठ सेवाएं ऑनलाइन मिलेंगी। इसके लिए उद्यमी संगठनों को पत्र भेजकर जानकारी दी गई है। ऑनलाइन आवेदन से संबंधित समस्या होने पर उद्यमी गीडा कार्यालय के हेल्प डेस्क या उद्यमी मित्र से मदद ले सकेंगे। इसके अलावा उत्पादरत सर्टिफिकेट के मामले भी तीन माह के अंदर निस्तारित कर दिए जाएंगे।
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल और विष्णु अजीत सरिया की अगुवाई में उद्यमियों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला था। इन उद्यमियों ने उत्पादनरत सर्टिफिकेट मिलने में देरी और रेडिमेड गारमेंट्स उद्योग में छायी सुस्ती की जानकारी दी थी। गीडा सीईओ अनुज मलिक ने बताया कि 30 नवंबर को गीडा दिवस के अवसर पर ऑफलाइन सेवाओं को ऑनलाइन व निवेश मित्र पोर्टल से जोड़ा गया था, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री ने किया था। लेकिन, उद्यमी अभी भी इन सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर रहे हैं।
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उद्यमी समय विस्तारीकरण, वित्तीय संस्थान को लीज डीड का स्थानांतरण, पूर्णता प्रमाण पत्र/अधिभोग प्रमाणपत्र जारी करना, एनओसी प्रमाण पत्र, वित्तीय संस्थान के पक्ष में बंधक की अनुमति के लिए एनओसी, संयुक्त बंधक की अनुमति, निरस्तीकरण के बाद भूखंड की बहाली और आवंटी की मौत के बाद कानूनी उत्तराधिकारी की पहचान जैसे कार्य के सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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24 जुलाई 2015 से दिया जाएगा उत्पादनरत का सर्टिफिकेट
गीडा में लगी फैक्टरियों को बैंक ऋण या अन्य कार्यों के लिए उत्पादनरत का सर्टिफिकेट लेना होता है। इस कार्य के लिए कई उद्यमी परेशान थे। गीडा ने इनकी भी समस्या का समाधान करते हुए नई व्यवस्था लागू कर दी है। उद्यमियों को 24 जुलाई 2015 और उसके बाद लगी इकाइयों को ही यह सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इससे संबंधित समस्त प्रकरणों का निस्तारण आदेश निर्गत होने की तिथि से तीन माह के अंदर कर दिया जाएगा। इसके लिए 24 जुलाई 2015 से पुराने उद्योगों की सूची बनाई जाएगी। इनमें से जिनको उत्पादनरत का सर्टिफिकेट नहीं मिला है, उनके संचालकों से संपर्क कर प्रपत्र मंगाए जाएंगे। ऐसे आवेदनों को तीन दिन में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी को उपलब्ध कराया जाएगा। वे इसका परीक्षण कर मुख्य कार्यपालक अधिकारी को उपलब्ध कराएंगे। इस तरह के केस में अधिकतम सात दिन का समय लगना है।
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