गोरखपुर। वाराणसी रूट पर देवरिया से भटनी के बीच भी नए साल में ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाने का काम शुरू हो जाएगा। अभी बैतालपुर से देवरिया के बीच सिस्टम लगाने के लिए फाइबर केबिल बिछाया जा रहा। मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। देवरिया से भटनी के बीच होने वाले कार्य के लिए टेंडर हो चुका है। एजेंसी भी फाइनल हो चुकी है। मार्च के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है। वहीं नए साल में गोंडा से बुढ़वल के बीच भी काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
एनईआर के मेन रूट बाराबंकी-छपरा-गोरखपुर और गोरखपुर-वाराणसी पर ट्रेनों का दबाव अधिक है। इस वजह से बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा के बीच तीसरी लाइन के साथ-साथ ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाया जा रहा है। इस खंड में बस्ती से गोरखपुर और कुसम्ही से देवरिया के बीच ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाने का काम चल रहा है। इसमें से बस्ती से मुंडेरवा और बैतालपुर से देवरिया के बीच काम बाकी है।
इसके अलावा अब देवरिया से भटनी के बीच भी 21 किलोमीटर लंबे खंड में इस सिस्टम को लगाने का काम शुरू होने वाला है। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही एजेंसी भी नामित हो गई है। माना जा रहा है कि मार्च के बाद इस खंड में काम शुरू हो जाएगा। वहीं नए साल में गोंडा से बुढ़वल के बीच भी करीब 61 किलोमीटर लंबे खंड पर काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।
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गोरखपुर से वाराणसी के बीच ट्रेनों की गति में होगा सुधार
देवरिया से भटनी तक ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लग जाने के सबसे अधिक फायदा वाराणसी रूट की ट्रेनों को मिलेगा। भटनी से वाराणसी तक डबल लाइन बिछ रही है। भटनी से गोरखपुर तक पहले से ही डबल लाइन है। ऐसे में इस सिस्टम के लग जाने पर गोरखपुर से वाराणसी के बीच चलने वाली ट्रेनों को लाइन के अभाव में कहीं नहीं रुकना पड़ेगा।