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Gorakhpur News: खोआ-पनीर ही नहीं काली मिर्च भी बिकती है मिलावटी...1013 नमूनों में हुई पुष्टि

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खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में बड़े पैमाने पर मिली है मिलावटी खाद्य सामग्री
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सुरक्षित खाना है तो खुद ही सतर्क रहना होगा, बाजार को नहीं है किसी के स्वास्थ्य की चिंता
गोरखपुर। मिलावटी खाद्य सामग्री से सेहत को नुकसान पहुंच रहा है। अस्पतालों में पेट संबंधी जितने भी मामले पहुंच रहे हैं, उसमें से 80 फीसदी की वजह खराब खाना ही होता है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट भी इसी तरफ इशारा कर रही है। छह वर्षों में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 2675 नमूने लिए हैं, जिसमें से 1013 में मिलावट की पुष्टि हुई है। मिलावटी खाद्य पदार्थों में पनीर, खोआ, घी, तेल से लेकर जीरा, काली मिर्च और चायपत्ती तक शामिल है। ऐसे में अगर स्वस्थ रहना है तो खुद ही बाजार से सामान खरीदते समय शुद्धता का ख्याल रखना होगा।
खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी तेजी से बढ़ी है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में असुरक्षित यानि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रिपोर्ट बढ़ रही है। लोगों की शिकायत पर हर महीने बड़ी कार्रवाई हो रही है। कुछ दिन पहले ही मिलावटी पनीर की फैक्टरी चला रहे पिपराइच के खालिद सहित तीन लोगों को जेल भी भेजा गया था। इससे पहले चायपत्ती में चमड़ा रंगने वाला रंग और केमिकल की पुष्टि हुई थी।
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खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट

वित्तीय वर्ष नमूने अधोमानक असुरक्षित
2020-21 359 95 13
2021-22 463 129 7
2022-23 430 228 10
2023-24 539 158 7
2024-25 721 313 30
2025-26 (मई ) 163 90 5
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एक वर्ष में बड़ी कार्रवाई
- चायपत्ती (जब्त) 4226 किग्रा
- काली मिर्च (जब्त) 448 किग्रा
- कचरी (जब्त) 3239 किग्रा
- जीरा (जब्त) 5690 किग्रा
- चांदी वर्क (जब्त) 500 पैकेट
- रिफाइंड सोयाबीन ऑयल (जब्त) 673 किग्रा
- भूना चना व चना दाल (जब्त) 1,16,000 किग्रा
- दूषित मिठाई (नष्ट) 3200 किग्रा
- प्रीमिक्स बेकरी (नष्ट) 600 किग्रा
- केला (नष्ट) 1200 किग्रा
- दही (नष्ट) 600 किग्रा
- कोल्ड ड्रिंक्स (जब्त) 2300 लीटर
- पनीर व खोआ (नष्ट) करीब 25 क्विंटल
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कोट.
खाद्य पदार्थों की निरंतर जांच की जा रही है। मिलावटखोरी पर कार्रवाई के साथ लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। लोग जागरूक हो जाएंगे तो मिलावट के खिलाफ अभियान ज्यादा सफल होगा।
- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा


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