फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: पछतावा नहीं..डबल मर्डर का खौफ जता रौब जमा रहा बाल अपचारी

विज्ञापन
विज्ञापन
बाल सुधार गृह में आरोपी कह रहा-जो भी आंख दिखाएगा, उसका यही हश्र करूंगा
विज्ञापन




गोरखपुर। जो भी आंख दिखाएगा, उसका यही हश्र करूंगा। मुझे बार-बार चिढ़ाते थे, किसी की क्या औकात, मेरे सामने सिर उठाने की... सहजनवां के भक्सा गांव के दो किशोरों की हत्या का मुख्य आरोपी बाल सुधार गृह में रखे गए अन्य अपचारियों से कुछ इस तरह दहशत भरी कहानी सुना रहा है। वारदात को अंजाम देने का उसे कोई पछतावा नहीं है। बल्कि वह डबल मर्डर को अपनी उपलब्धि बताकर दहशत फैला रहा है।



बाल सुधार गृह में उसकी गतिविधियों को देखते हुए विशेष सुरक्षा में रखा गया है। सुरक्षा कर्मी उसकी निगरानी में लगे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में डबल मर्डर का आरोपी कुकर्म के मामले में बाल सुधार गृह भिजवाया गया था। वह करीब आठ माह तक यहां रहा था। रविवार को दोबारा बाल सुधार गृह में आने पर कुछ पुराने साथी भी मिल गए हैं।
विज्ञापन




वह साथियों से यह कहते फिर रहा है कि आने वाले दिनों में दहशत बनाकर राज करेंगे। पुराने बाल अपचारी की तरह वहां पर वह व्यवहार कर रहा है। पहले दिन से उसके आगे पीछे पुराने अपचारी सेवा सत्कार में लग गए हैं। जेल अधीक्षक किशोर केएम मिश्रा का कहना है कि उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। उसकी हर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।





दूसरे आरोपी की तलाश, 15 नंबर स्वीच ऑफ



मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने 700 से अधिक नंबरों की सीडीआर निकलवाई थी। इसके बाद वह पकड़ में आया। वहीं दूसरे नाबालिग आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने 15 नंबरों की सीडीआर निकलवाई थी। वर्तमान में ये नंबर स्वीच ऑफ हैं। पुलिस के अनुसार, कई जगहों पर लोकेशन मिलने पर पहुंचे, इससे पहले ही वहां से आरोपी भाग गया।



सहजनवां से पकड़ा गया मुख्य आरोपी वर्ष 2023 में बाल सुधार गृह में कुकर्म के मामले में रखा गया था। तभी आरोपी के बगल के गांव का किशोर भी हत्या के प्रयास के मामले में वहां भेजा गया। इस दौरान दोनों की दोस्ती हो गई थी। पुलिस के अनुसार, 23 जनवरी की शाम भक्सा गांव के अभिषेक और प्रिंस की हत्या दोनों दोस्तों ने मिलकर की थी। मुख्य आरोपी को अभिषेक चिढ़ाता था। इसके बाद मिलकर हत्या कर दी। भेद खुलने के डर से अभिषेक के साथ आए ममेरे भाई प्रिंस को भी जान से मार दिया था।



आरोपियों को फांसी मिले



अभिषेक का परिवार उसकी हत्या के बाद बहुत डरा हुआ है। उसके भाई दिनेश का कहना है कि आरोपी बहुत ही मनबढ़ किस्म का है। पहले भी कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। वह छूटकर आएगा तो बदला लेगा। उससे जान का खतरा है। हर हाल में दोनों आरोपियों को फांसी होनी चाहिए।



यह है घटना



सहजनवां के भक्सा गांव के अभिषेक (14) और उसके ममेरे भाई प्रिंस (12) का 24 जनवरी को सरसों के खेत में शव मिला था। दोनों का गला रेता गया था और हाथ-पैर बंधे थे। चिलुआताल इलाके का किशोर भक्सा गांव में रिश्तेदारी में मां के साथ खिचड़ी लेकर 19 जनवरी को आया था। वहां पर रिश्तेदार के लड़के अभिषेक के साथ रोज शाम को साइकिल से खेत की तरफ जाते थे। 23 जनवरी की शाम पांच बजे साइकिल से दोनों निकले, फिर अगले दिन शुक्रवार को उनका शव मिला था।

वर्जन



डबल मर्डर के मुख्य आरोपी को अभिरक्षा में लेकर बाल सुधार गृह भिजवा दिया गया है। दूसरे आरोपी की तलाश में पुलिस टीम लगी है। बहुत जल्द उसे पकड़ लिया जाएगा।



- जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी उत्तरी



-



पूर्व में हुईं घटनाएं



मां की मौत के गम में डूबा रहता है वैज्ञानिक का बेटा



2024 के दिसंबर माह में पिपराइच थाना क्षेत्र के सुशांत सिटी में वैज्ञानिक की पत्नी की हत्या की गई थी। जांच में पता चला कि वैज्ञानिक के इकलौते बेटे ने ही मां को धकेल दिया था, सिर में चोट लगने की वजह से मौत हो गई थी। पिपराइच पुलिस ने पकड़कर उसे बाल सुधार गृह भिजवाया था। घटना के बाद से ही वह मां की मौत के गम में ही डूबा रहता है। उसे इस घटना का पछतावा है। इसलिए अपना मुंह छिपाता रहता है।



मुंह से डीजे की आवाज निकालता है सीरियल किलर



झंगहा के राजधानी गांव का अजय निषाद (20) पांच महिलाओं के हमले और मर्डर में जिला जेल के 12 नंबर बैरक में बंद है। इतनी घटनाओं को अंजाम देने के बाद भी उसको जरा भी पछतावा नहीं है। काले कपड़े पहनकर ही वह घटनाओं को अंजाम देता था। जेल में भी वह काले कपड़े पहनकर रहता है। तीन माह में उसने जेल के अंदर कई दोस्त बना लिए हैं। मुंह से डीजे की आवाज निकालकर बंदियों का मनोरंजन करता है। बाहर अजय डीजे बजाने का काम करता था। आरोप है कि झंगहा के आस-पास गांव में रात के समय निकलकर अलग-अलग दिनों में पांच महिलाओं पर हमला कर दहशत फैलाई थी। एक महिला की मौत भी हो गई थी। लगातार महिलाओं पर हुए हमले के बाद पुलिस ढेर सारे नंबरों का सीडीआर और सीसीटीवी कैमरा खंगालने पर 17 नवंबर को अजय निषाद को गिरफ्तार कर पुलिस ने पांच घटनाओं का पर्दाफाश किया था।
विज्ञापन




शांत रहता है और पढ़ाता भी है बच्चे का हत्यारोपी



बांसगांव के भैंसारानी गांव के रंजीत पर डेढ़ साल के बच्चे का सिर कूंचकर हत्या करने का आरोप है। वह जेल के 12 नंबर बैरक में रखा गया है। सितंबर 2024 में घटना को अंजाम दिया था। जेल में वह शांत रहता है। कुछ बंदियों को पढ़ाता है और डायरी में कुछ लिखता रहता है। वह किसी से भी बहुत बातचीत नहीं करता है। जेल प्रशासन भी इसपर नजर रखता है।



-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें