गोरखपुर। निर्जला एकादशी व्रत सभी एकादशी व्रत को करने के समान फल देता है। यह व्रत बिना पानी पीये रहने के कारण काफी कठिन हो जाता है जिससे अधिकतर श्रद्धालु यह व्रत नहीं रह पाते हैं। शास्त्रों में इस व्रत की महत्ता काफी फलदायी बताई गई है।
पंचांगों के अनुसार वर्ष भर में कुछ एकादशी की महत्ता ज्यादा ही होती है जिसे रहने से श्रद्धालुओं को भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ज्यादातर श्रद्धालु जो पानी पीये बिना व्रत नहीं रह पाते हैं वह पुरोहितों को बुलाकर या मंदिर जाकर पूरे विधि-विधान के साथ वैदिक मंत्रोचारण के बीच पानी दान करने के बाद पानी पीकर व्रत सम्पन्न करते हैं।
पंडित शरद चन्द्र मिश्र के अनुसार यह व्रत करने से श्रद्धालुओं को भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत सबसे कठिन जरूर होता है, लेकिन फलदायी भी होता है।