शिक्षक-कर्मचारियों की सुविधा के लिए कई विभागों और हॉस्टल को किया गया चिह्नित
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में करीब 15 जगहों पर नई बायोमेट्रिक मशीन लगाए जाने की कवायद शुरू हो गई है। जिन जगहों पर मशीनें खराब हैं, उन्हें ठीक करने के भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
डीडीयू में वर्ष 2022 में लगभग 35 जगहों पर बायोमेट्रिक मशीन लगाई गई थी। सभी अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई थी। उसके बाद भी कई विभागों में बायोमेट्रिक की व्यवस्था नहीं होने से शिक्षकों-कर्मचारियों को दूर जाकर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होती है। इसमें काफी समय लग जाता है। इसे देखते हुए उन जगहों को चिह्नित कर बायोमेट्रिक मशीनें लगाए जाने का निर्णय लिया गया है। विभागों के साथ ही विभिन्न छात्रावासों में भी बायोमेट्रिक मशीनें लगाए जाने की योजना है।
बताया जा रहा है कि कई शिक्षक प्रशासनिक पदों पर हैं। उन्हें देर शाम तक प्रशासनिक भवन में ही कार्य करना होता है। प्रशासनिक भवन से जब वे शिक्षक निकलते हैं तो उस समय विभाग में ताला लग गया होता है, इससे वे बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाते। इसे देखते हुए योजना बनाई जा रही है कि प्रशासनिक पदों पर तैनात शिक्षकों को बायोमेट्रिक उपस्थिति का अतिरिक्त विकल्प प्रशासनिक भवन में ही दिया जाए।
कोट
प्रशासनिक भवन में काम करने वाले शिक्षकों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति के अलग विकल्प दिए जाने की योजना बनाई जा रही है। शिक्षकों-कर्मचारियों की सुविधा के लिए 15 से 20 जगहों पर नई मशीनें लगाई जाएंगी।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू