गगहा इलाके के जानीपुर रोड स्थित इलेक्ट्रिक एंड इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान के मालिक शंभू मौर्य (33) और उनके कर्मचारी संजय पांडेय (38) की बुधवार रात बाइक सवार बदमाशों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी। घटना उस वक्त हुई जब शंभू दुकान बंद कर रहे थे। बताया जा रहा है कि चुनावी रंजिश में बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। लूट की नीयत से भी हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस कुछ भी बोलने से बच रही है।
जानकारी के मुताबिक, गगहा क्षेत्र के कोठा गांव निवासी शंभू मौर्य की गगहा-जानीपुर रोड पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास इलेक्ट्रानिक सामानों की दुकान है। वह देरशाम दुकान बंद करके अक्सर घर चले जाते थे, लेकिन बुधवार को रुके रह गए। रात करीब 8.30 बजे घर जाने के लिए शंभू दुकान बंद कर रहे थे तभी बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
गोलियों की आवाज सुनकर लोग खौफजदा हो गए। जो दुकानें खुलीं थीं, उनके शटर गिर गए। इलाके में सन्नाटा पसर गया। फायरिंग के बाद बदमाश भाग निकले। इसके बाद आसपास के लोग शंभू की दुकान पर पहुंचे। शंभू और उनके कर्मचारी संजय खून से लथपथ पड़े थे। आनन-फानन दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। वारदात की सूचना पाकर एडीजी अखिल कुमार, डीआईजी डॉ प्रीतिंदर सिंह, डीएम के विजयेंद्र पांडियन व एसएसपी दिनेश कुमार पी मौके पर पहुंचे। अफसरों ने जल्द ही घटना के पर्दाफाश की बात कही है।
एक माह में रितेश के बाद शंभू की हत्या से पुलिस के इकबाल पर सवाल
गगहा इलाके में महीने भर के भीतर यह दूसरी बड़ी वारदात है। इससे पहले जिला पंचायत का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे पूर्व बसपा नेता रितेश मौर्या की गोली मारकर हत्या की गई थी। रितेश हत्याकांड की गुत्थी पुलिस अभी तक नहीं सुलझा पाई है। इसी बीच दोहरे हत्याकांड ने पुलिस के इकबाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
व्यापारी को मौत के घाट उतारने के इरादे से तड़तड़ाईं गोलियां
बदमाशों ने शंभू व उनके सहयोग संजय पर जिस तरह से गोलियां बरसाई हैं, उससे घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। लगता है कि बदमाश तय करके आए थे कि दोनों को मौत के घाट उतारना ही है। घटना स्थल के पास मौजूद लोगों का कहना है कि बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। कई गोलियां लगने से व्यापारी व उनके सहयोगी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसकी जानकारी पुलिस प्रशासन को भी थी। लोगों की नाराजगी कम करने के लिए ही दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित किया।
राष्ट्रीय राजमार्ग किया जाम
व्यापारी की हत्या से नाराज लोगों ने गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस, प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसकी सूचना मिलते ही आला अफसर दौड़ पड़े। सबने यातायात व्यवस्था सामान्य बनाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। कुछ देर बाद पुलिस ने कौड़ीराम के पास से वाहनों को डायवर्ट किया। जब शंभू व उसके सहयोगी को जिला अस्पताल ले जाया गया, तब जाकर राष्ट्रीय राजमार्ग से जाम हटाया जा सका।
आपराधिक घटनाओं से बढ़ी नाराजगी
गगहा क्षेत्र में ताबड़तोड़ हो रही आपराधिक घटनाओं से लोगों में काफी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि आए दिन बड़ी वारदात हो रही है, लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर पा रही है। इससे पहले रितेश की हत्या करके पुलिस के इकबाल को चुनौती दी गई थी। रितेश हत्याकांड का पर्दाफाश अभी तक नहीं हो सका है। इसके बावजूद पुलिस की कार्यशैली में किसी तरह का बदलाव नहीं आया है।
रितेश मौर्य के करीबी थे शंभू
गगहा कस्बे में 10 मार्च की रात को जिला पंचायत सदस्य की चुनाव की तैयारी कर रहे रितेश मौर्य की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। स्थानीय लोगों के अनुसार शम्भू उनके करीबी थे। कुछ लोग रितेश की हत्या से भी इस मामले को जोड़ कर देख रहे हैं।
एक साल पहले हुई थी शादी
परिजनों के अनुसार शंभू की अभी एक वर्ष पहले ही शादी हुई थी। मौत की खबर पाकर पत्नी और घरवालों का रो रो कर बुरा हाल है।
बदमाशों ने गोली मारकर दो हत्या की है। हत्या की वजह के बारे में जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया जाएगा। घरवाले अभी कुछ भी बोलने से इनकार कर रहे हैं।
- दिनेश कुमार पी, एसएसपी