गोरखपुर। आत्मनिर्भर बनने की कोशिशों की कड़ी में नगर निगम पीपीपी मोड में महानगर के चौक-चौराहों के सुंदरीकरण के बाद ट्रैफिक पुलिस के सभी बूथों का सौदर्यीकरण करने जा रहा है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर इन पुलिस ट्रैफिक बूथों को एक ही तरह का बनाया जाएगा। इन पर होने वाले विज्ञापनों से नगर निगम को आय भी मिलेगी।
अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक पुलिस को पत्र लिख कर महानगर में ट्रैफिक पुलिस बूथ की संख्या और उनकी जानकारी मांगी है। ताकि सभी पुलिस बूथ को नई डिजाइन और ड्यूटी देने वाले पुलिस कर्मियों के लिए सुविधाजनक बताया जा सके। ये पुलिस बूथ कैसे हो? कैसे इन्हें सुविधाजनक बनाया जाए, इसके लिए न केवल विज्ञापन कंपनियों से सुझाव लिए जा रहे हैं। अपितु आर्किटेक्चरल डिजाइनर से भी संपर्क किए जा रहे हैं।
वर्जन
‘‘गोरक्षनगरी को स्वच्छ और सुंदर बनाने की कोशिशों की कड़ी में यह कदम उठाए जा रहे हैं। इससे न केवल पुलिस बूथ सुविधाजनक और आकर्षक बनाए जाएंगे। अपितु नगर निगम को इनसे आय भी होगी।’’
-गौरव सिंह सोगरवाल, नगर आयुक्त