बगहा देवार का प्राथमिक विद्यालय और बचे घर भी कटान की जद में
सरयू स्थिर तो राप्ती नदी का बढ़ रहा जलस्तर
बड़हलगंज/चिल्लूपार। पहाड़ों से लेकर मैदान तक हुई बारिश से बड़हलगंज ब्लाॅक क्षेत्र में प्रवाहित होने से सरयू और राप्ती ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। तटवर्ती गांवों के जलमग्न हो जाने से पीड़ितों को तटबंध, सड़क मार्ग पर शरण को मजबूर होना पड़ा है। करीब 20 से ज्यादा गांव बाढ़ से घिर चुके हैं। राप्ती में जलस्तर बढ़ने से मझवलिया गांव में कटान तेज हो गई है। कछार में सरयू नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है तो वहीं राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर से क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
दियारा क्षेत्र के सरयू नदी के बाढ़ से अजयपुरा, गोरखपुरा, खैराटी, मुसाडीह, बगहा, ज्ञानकोल, कोलखास आदि गांव बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर चुका है। इन गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी चढ़ चुका है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से बगहा देवार का प्राथमिक विद्यालय और बचे गांव के घर कटान की जद में आ गए हैं। कछार क्षेत्र के लखनौरी, लखनौरा, हिंगुहार, सूबेदार नगर माझा, जगदीशपुर, विहुआ उर्फ अगिलगौवा गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
राहत की बात यह है कि सरयू नदी का जलस्तर स्थिर है। वहीं, राप्ती के जलस्तर में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। क्षेत्र के हिंगुहार निवासी ग्राम रोजगार सेवक कैलाशपति विश्वकर्मा, सूबेदार नगर माझा के ग्राम प्रधान सत्यसेन सिंह, जगदीशपुर निवासी अजय तिवारी, सूरज पांडेय का कहना है कि यदि तटबंधों का उच्चीकरण समय पूर्व हो जाता तो बाढ़ की समस्या से राहत मिल जाती, लेकिन इस पर कोई जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहा है।
संक्रामक बीमारी से लोग परेशान, नहीं पहुंचे डॉक्टर व मेडिकल स्टॉफ
बाढ़ से घिरे गांव के लोग संक्रामक रोगों से परेशान हैं। उनके इलाज के लिए अभी तक मेडिकल टीम नहीं पहुंची। वर्तमान में बाढ़ पीड़ित फंगल बीमारियों के साथ ही वायरल, डायरिया, आईफ्लू आदि रोगों से त्रस्त है। वहीं पशुपालन विभाग की टीम भी गांवों में नहीं पहुंची है।
-
नदी का जलस्तर स्थिर लेकिन समस्याएं बरकरार
गोला। क्षेत्र में सरयू नदी के जलस्तर में स्थिरता बनी हुई है, जिससे लोगों ने राहत महसूस की है। लेकिन समस्याएं भी जस की तस बनी हुई है। प्रशासन भी किसी तरह की स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट है।
गोला क्षेत्र में रविवार की सुबह सरयू का जलस्तर 74.20 मीटर पर था जो शाम होते-होते 74.10 मीटर पर पहुंच गया। गोला क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र बिसरा में जलस्तर स्थिर है। बारानगर, तीरागांव, कोहना, रामामऊ आदि गांवों में खेतों तक पहुंचा पानी कुछ कम हुआ है, जिससे यहां भी लोगों को राहत मिली है। बिसरा के राजदेव, रामबृक्ष मौर्य, रामपलट, राजेश कुमार आदि ने बताया कि पिछले तीन दिन से नदी का जलस्तर स्थिर है लेकिन हम लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित है। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने पर ही समस्याएं खत्म होंगी। इस संबंध में उपजिलाधिकारी अमित जायसवाल ने बताया कि गोला में घबराने जैसी स्थिति नहीं है फिर भी प्रशासन विपरीत स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट है। संवाद