गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में बीटेक और बीबीए के विद्यार्थी 20 क्रेडिट पाकर सीधे अगले वर्ष प्रमोट हो जाएंगे। मंगलवार को कुलपति प्रो. जेपी सैनी की अध्यक्षता में हुई प्रबंध बोर्ड की बैठक में इसको मंजूरी प्रदान कर दी गई। इसके अलावा 19 दिसंबर को विद्या परिषद की बैठक में लिए गए सभी निर्णयों पर विद्या परिषद से हरी झंडी प्रदान कर दी गई।
एमएमएमयूटी में मंगलवार को कुलपति प्रो. जेपी सैनी की अध्यक्षता में प्रबंध बोर्ड की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। सर्वप्रथम कुलपति ने पूर्व में हुई प्रबंध बोर्ड की बैठक के बाद लिए गए अहम निर्णयों की प्रगति से प्रबंध बोर्ड को अवगत कराया। इसके बाद हाल ही में हुए विद्या परिषद से पास एजेंडे को प्रबंध बोर्ड में रखा गया। इसमें बीटेक और बीबीए में प्रमोशन नीति को मंजूरी दे दी गई।
अब प्रथम वर्ष के किसी पेपर में भी बैक हो तो भी तृतीय या चतुर्थ वर्ष में प्रमोट होने में अड़चन नहीं आएगी। बशर्ते एक साल के दोनों सेमेस्टर में मिलाकर कुल 20 क्रेडिट विद्यार्थी ने अर्जित किए हों। इसके अलावा बीटेक द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रम को भी मंजूरी प्रदान कर दी गई। विभिन्न विभागों की इस सेमेस्टर की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों की प्रगति आख्या का अवलोकन किया गया। बोर्ड ने पीएचडी में नव प्रवेशित छात्रों के नामांकन को भी अनुमति प्रदान कर दी।
स्टार्टअप पर उपस्थिति में मिलेगी छूट
स्टार्टअप रजिस्टर कराने वाले छात्रों को न्यूनतम उपस्थिति में 10 प्रतिशत अतिरिक्त छूट देने को भी प्रबंध बोर्ड से मंजूरी प्रदान कर दी गई है। स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रमों में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। यह छूट हासिल करने के लिए छात्रों को अपने स्टार्टअप के सीईओ का रिकमेंडेशन लेटर प्रस्तुत करना होगा।
बीबीए के लिए नए अध्यादेश को मंजूरी
बीबीए के चार वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए नए अध्यादेश को भी प्रबंध बोर्ड से मंजूरी मिल गई। बीबीए की नई पाठ्य संरचना एआईसीटीई की ओर से निर्धारित मॉडल करिकुलम पर आधारित है। इसमें छात्रों को न्यूनतम क्रेडिट पूरा करने के लिए लचीला बनाया गया है।
पेटेंट के आवेदन व प्रकाशन पर मिलेगा छह क्रेडिट
प्रबंध बोर्ड ने पीएचडी पूरा करने के लिए कम से कम दो शोधपत्रों के प्रकाशन की बाध्यता को भी समाप्त कर दिया है। अब एक पेटेंट और एक शोधपत्र प्रकाशन से ही उनका शोध कार्य पूरा हो जाएगा। उनको तीन साल की तय अवधि का भी इंतजार नहीं करना होगा। नई व्यवस्था मेंं दो शोधपत्रों के प्रकाशन के बाद हर प्रकाशन पर उन्हें छह क्रेडिट मिलेंगे। यही नहीं, पेटेंट के आवेदन व प्रकाशन पर भी छह अतिरिक्त क्रेडिट की व्यवस्था की गई है। ऐसे में शोधपत्रों का अतिरिक्त प्रकाशन कर व पेटेंट के लिए आवेदन कर शोधार्थी अपने शोध का क्रेडिट मानक समय से पहले पूरा कर सकेंगे और शोध प्रबंध को समय से पहले जमा करने का अवसर पा सकेंगे।
वर्जन...
विद्या परिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों पर प्रबंध बोर्ड ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। इसमें बीटेक व बीबीए में विद्यार्थियों की प्रमोशन नीति, स्टार्टअप को बढ़ावा देने को उपस्थिति में छूट, पीएचडी पूरा करने के लिए दो शोधपत्रों की अनिवार्यता को समाप्त करना प्रमुख रूप से शामिल है।
प्रो. जेपी सैनी, कुलपति, एमएमएमयूटी
मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद
मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद