गोरखपुर। बेतियाहाता मोहल्ले में बेतिया एस्टेट की जमीनों की पैमाइश अब दो दिन बाद होगी। इसी बीच कुशीनगर भी राजस्व टीम जाएगी और वहां बेतिया एस्टेट की जमीनों की नापजोख करेगी। उधर, बिहार से पांच अमीन सहित नौ कर्मचारी भी गोरखपुर आ गए हैं, सभी को जॉइन भी करा दिया गया है। बेतिया एस्टेट नियुक्त प्रशासक और कर्मियों के लिए एक दफ्तर भी खोलने की तैयारी है। सरकारी आवास नहीं मिलने के बाद अब किराये पर फ्लैट की तलाश चल रही है।
बेतियाहाता में बेतिया एस्टेट की 19.91 हेक्टेयर जमीन है। यह रिकॉर्ड छह साल पहले हुई पैमाइश का है। अब बिहार सरकार से नियुक्त प्रशासक बद्री प्रसाद गुप्ता ने फिर से पैमाइश शुरू कराई है। सबसे पहले राजस्व विभाग की टीम ने जर्जर हो चुके खपरैल बंगला को देखा और नापजोख कराई। इसके बाद हनुमान मंदिर से सटे 93 डिसमिल जमीन में बनी एक छोटी सी बस्ती की पैमाइश हुई तो यहां 16 छोटे-छोटे आवास और दुकान बने मिले। इधर, दो दिनों से स्थानीय राजस्व विभाग की टीम के व्यस्तता के चलते पैमाइश बंद है। उधर, बिहार राजस्व बोर्ड से पांच अमीन, दो कार्यालय सहायक, एक प्रोग्रामर और एक मल्टी टास्किंग कर्मचारी को भेजा गया है, जिन्हें यहां जॉइन करा दिया गया है। अब यह टीम स्थानीय लेखपाल को साथ लेकर पैमाइश करेगी।
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कोट
बेतियाहाता मोहल्ले में बेतिया एस्टेट की सारी जमीन की फिर से पैमाइश कराकर रिपोर्ट बिहार सरकार के राजस्व बोर्ड को भेजना है। एक-एक करके सारी जमीनों की नापजोख की जाएगी। बिहार से भी नौ कर्मी आए हैं, जिन्हें जॉइन कराया है। सप्ताह भर में दफ्तर भी खोल लिया जाएगा।
बद्री प्रसाद गुप्ता, सहायक बंदोबस्त अधिकारी एवं प्रशासक-बिहार सरकार