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Gorakhpur News: दियारा में है मानवेंद्र का आतंक, दो दिन पहले जान से मारने की दी थी धमकी

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विश्वविद्यालय से छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए ताल ठोक चुका है मानवेंद्र सिंह उर्फ मानू
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मोहद्दीपुर निवासी संतोष साहनी की वर्ष 2018 अप्रैल माह में गोली मारकर की थी हत्या
गोरखनाथ थाने में वर्ष 2019 में गैंगस्टर का दर्ज किया गया था केस

सफेदपोश से परिचय की वजह से कई बार रुक चुकी है हिस्ट्रीशीट खोलने की कार्रवाई
गोरखपुर। बेलघाट के सोपाईघाट के अभिषेक सिंह की हत्या के मुख्य आरोपी मानवेंद्र सिंह उर्फ मानू का दियारा क्षेत्र में आतंक है। इस क्षेत्र में जितने भी गलत काम होते हैं, वह मानवेंद्र के इशारे पर ही होते हैं। अभिषेक और मानवेंद्र का घर अगल-बगल है। आरोप है कि शनिवार को किसी बात को लेकर कहासुनी के बाद मानवेंद्र सिंह ने अभिषेक को जान से मारने की धमकी दी थी। दोनों पहले जिगरी दोस्त भी हुआ करते थे। किसी बात को लेकर मतभेद हुआ और रविवार को आरोपियों ने सोपाईघाट गांव के पास ही अभिषेक सिंह को गोली मार दी।

अभिषेक की हत्या से पूरे गांव में कोहराम मच गया। गांव में ही आरोपियों का घर है, जहां से परिजन धीरे से कहीं निकल लिए। वहीं एहतियात के तौर पर गांव में भी थाने की पुलिस फोर्स लगा दी गई। वहीं गांव में मानवेंद्र की इस कदर दहशत है कि इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने के बाद भी कोई कुछ भी बोलने से कतरा रहा था। विवाद का कारण रुपये का लेन देन भी माना जा रहा है। अभिषेक सिंह की चार साल पहले शादी हुई थी। उसकी एक बेटी और बेटा है। शाम के समय पोस्टमार्टम के बाद गांव शव पहुंचा। अंतिम दर्शन करने के लिए पूरे गांव की भीड़ एकत्रित हो गई। परिवार की महिलाएं चीख चीख कर रोने लगी। सोपाईघाट के कुआनो नदी पर पिता अशोक कुमार सिंह ने जवान बेटे का दाह संस्कार किया।
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हाथ जोड़कर पिता बोले- न्याय चाहिए
इकलौते बेटे की हत्या के बाद बुजुर्ग पिता अशोक कुमार सिंह कुछ भी बोलते समय फफक कर रो पड़ रहे थे। वह सभी लोगों से हाथ जोड़कर एक ही बात कह रहे थे, कि मुझे न्याय चाहिए। बेटे को मारने वाले आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। अशोक बोले कि मेरे नाती नातिन अनाथ हो गए, अब वे किसके सहारे जिंदगी गुजर बसर करेंगे। अभिषेक अभी कोई काम नहीं करता था, जबकि पिता इधर-उधर दूसरे की बस चलाते हैं।

हत्या और विश्वविद्यालय चुनाव से चर्चा में आया मानवेंद्र
शाहपुर में 08 अप्रैल वर्ष 2018 में शाहपुर चार फाटक के पास मोहद्दीपुर निवासी प्राॅपर्टी डीलर संतोष साहनी उर्फ छोटू की गोली मारकर हत्या की गई थी। मामले में सोपाई घाट निवासी मानवेंद्र सिंह उर्फ मानू का नाम चर्चा में आया था। इसके बाद एक मामले में गोरखनाथ थाने में मानवेंद्र सिंह पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। इसमें 25 हजार का इनाम भी रखा गया था। 23 जुलाई 2019 को धर्मशाला ओवरब्रिज के पास से गिरफ्तार कर मानवेंद्र को पुलिस ने जेल भिजवाया था। इसके अलावा वर्ष 2016 में मानवेंद्र सिंह ने विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी ठोकी थी। इसमें भारी भीड़ लेकर वह विश्वविद्यालय में प्रचार भी किया था। लेकिन चुनाव निरस्त कर दिया गया था। इसमें भी मानवेंद्र शहर में चर्चा में आया था। इसके बाद से ही वह ठेका पट्टा करने लगा। पुलिस ने कई बार मानवेंद्र की हिस्ट्रीशीट भी खोलनी चाही लेकिन सफेदपोश से गहरे संबंध होने की वजह से कार्रवाई बीच में ही रोक दी गई।
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मैरिज हाल में बवाल के बाद आई थी पुलिस
बेलघाट के सिंघौरा गांव के अनुराग मौर्या की रविवार को शादी थी। उनकी बरात में ही अभिषेक सिंह और सभी आरोपी भी सिंघड़िया के सांई शक्ति मैरिज हाल में गए थे। दुल्हन के भाई अभिमन्यु मौर्य ने बताया कि जयमाल के समय बरातियों के दो गुटों में विवाद हुआ था। इसके बाद 112 पर कॉल करके पुलिस बुलाई थी। पुलिस के आने पर बवाल करने वाले युवक धीरे से निकल गए थे। काफी देर तक पुलिस मैरिज हाल में ही बैठी रही। दोनों दोनाें के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ था इसकी जानकारी नहीं है।
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