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Gorakhpur News: मरीज माफिया से भी मानवेंद्र का गठजोड़..हिस्ट्रीशीटर को शरण देने में गया था जेल

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गांव में चर्चा, महुआ के पेड़ बेचने में मिले नौ हजार हिस्से को लेकर हुई थी कहासुनी
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बेलघाट पुलिस ने एक आरोपी अतुल को भिजवाया जेल, दरोगा लाइन हाजिर
दरोगा शिव प्रकाश सिंह पर मानवेन्द्र सिंह को शह देने का है आरोप
गोरखपुर। बेलघाट क्षेत्र के सोपाईघाट निवासी अभिषेक सिंह की हत्या का मुख्य आरोपी गैंगस्टर मानवेंद्र सिंह उर्फ मानू का गठजोड़ मरीज माफिया से था। रामगढ़ ताल क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर सूरज सिंह को एक निजी हॉस्पिटल संचालित करने की जिम्मेदारी मिली थी। मरीज के खरीद फरोख्त के चक्कर में ही इसने डीआईजी बंगले के पास एक नर्सिंग होम में 30 जुलाई 2022 को दिन दहाड़े गोलियां बरसाई थी। इस मामले में भी सोपाईघाट के मानवेंद्र सिंह को पुलिस ने बदमाशों को शरण देने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
इस दौरान मानवेंद्र ने पुलिस का लिखित पत्र भी दिया था। जिसमें लिखा था कि आगे से कभी बदमाशों का पनाह नहीं दूंगा, किसी अपराध में लिप्त नहीं रहूंगा, ऐसा किया तो कठोर कार्रवाई की जाए। सोपाईघाट में इस बात की चर्चा है कि महुआ के पेड़ के लिए हत्या की गई है। अभिषेक और मानवेंद्र पटीदार हैं। एक बाग में महुआ का पेड़ बिका था। इसमें नौ हजार रुपये हिस्से के तौर पर अभिषेक के पिता अशोक कुमार सिंह को मिलना था। इसको लेकर शनिवार को मानवेंद्र से कहासुनी हुई थी, तब उसने हत्या करने की धमकी दी थी। साथ ही यह भी चर्चा है कि दियारा में जिसका भी बालू ठेका चलता है, वह मानवेंद्र सिंह को पार्टनर के रूप में रुपये पहुंचाता है।
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बेलघाट पुलिस ने एक आरोपी अतुल को भिजवाया जेल, दरोगा लाइन हाजिर
बेलघाट थाना क्षेत्र के सोपाई गांव निवासी अभिषेक सिंह उर्फ चंचल की गोली मारकर हत्या में गिरफ्तार आरोपी अतुल सिंह उर्फ विक्कू को बेलघाट पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया। उधर, इस घटना में लापरवाही सामने आने पर उप निरीक्षक शिव प्रकाश सिंह को एसएसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है। आरोप है कि मानवेंद्र को सह देने में शिव प्रकाश सिंह की भूमिका काफी अहम रही है।



तीन टीमें दे रही दबिश
हत्या के बाद से ही भाग रहे मुख्य आरोपी मानवेन्द्र सिंह और उसके साथी की तलाश में पुलिस की तीन अलग-अलग टीमें दबिश डाल रही है। पुलिस अफसरों का दावा है कि जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। गांव में शांति बनी रहे इसके लिए एहतियातन फोर्स तैनात की गई। उधर, आरोपियों का परिवार घर पर ताला बंद कर भागा हुआ है।
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वसूली में जेल गया फिर मिल गई थाने पर तैनाती
बेलघाट थाने पर तैनात दरोगा शिव प्रकाश सिंह पहले भी आरोपों में घिरे रहे हैं। उन्हें जेल तक जाना पड़ा था। फिर भी उनकी थाने पर तैनाती थी। मनोचिकित्सक डा.रामशरण दास को फर्जी रेप के आरोप में फंसाने की योजना के तहत आठ लाख रुपये वसूलने में दरोगा शिव प्रकाश सिंह और कथित पत्रकार जेल जा चुके हैं। 16 मई 2019 को टीपीनगर चौकी इंचार्ज शिव प्रकाश सिंह ने डा. रामशरण की क्लीनिक के पीएनटी नंबर पर अपने मोबाइल से कॉल किया। फोन उनके कर्मचारी अफजल ने उठाया था। दरोगा ने अपना परिचय देते हुए कहा कि डॉक्टर साहब से बता दो उनके खिलाफ तहरीर पड़ी है। मेरे मोबाइल पर बात कर लें। अपना नंबर भी बताया। 16 मई की शाम को कर्मचारी अफजल के साथ डॉ. रामशरण टीपी नगर चौकी पर पहुंच गए। दरोगा ने उनको एक तहरीर दिखाई उस पर तारीख नहीं दर्ज था। तहरीर पढ़ने के बाद डॉक्टर सन्न रह गए। दरोगा ने कहा कि घर चलिए। घर पर आकर रास्ता निकालेंगे। 16 मई की रात में ही 12 बजे कथित पत्रकार के साथ दरोगा उनके घर पहुंचा। मामला सेटल कर लड़की को मैनेज करने के लिए दस लाख की डिमांड हुई। दूसरे दिन 17 की रात में एक बजे फिर दोनों पहुंचे। डॉक्टर के घर पर ही आठ लाख रुपये लेकर मामला निपटाने की बात हुई। उसमें पांच लाख पीड़िता और तीन लाख दरोगा को देने की बात तय हुई। इसी आधार पर केस दर्ज हुआ।
.......
कोट-
एक आरोपी को पकड़कर जेल भिजवा दिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश में तीन पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। बहुत जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी उत्तरी
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