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Gorakhpur News: मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद संक्रमण मामले की हाेगी मजिस्ट्रियल जांच

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डीएम दीपक मीणा ने गठित की चार सदस्यीय टीम, तीन दिन में मांगी रिपोर्ट

गोरखपुर। सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल में एक फरवरी को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के दौरान 11 मरीजों के आंख में गंभीर संक्रमण के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। डीएम दीपक मीणा ने इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि सीएमओ ने जो कमेटी बनाई है, उससे समन्वय बनाकर तीन दिन में रिपोर्ट दें।

डीएम की जांच कमेटी में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सहदेव मिश्रा, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एनएल कुशवाहा, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेत्र सर्जन डॉ पंकज सोनी, जिला अस्पताल के डॉ. अंजनी कुमार गुप्ता हैं। डीएम ने जांच समिति को निर्देशित किया है कि हॉस्पिटल का निरीक्षण करते हुए ओटी की जांच करें और मरीजों व उनके परिजनों का भी बयान लें।
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संक्रमण फैलने के कारण जयराम की भी निकाली जाएगी आंख

गोरखपुर। उरुवा क्षेत्र के उसरी खास निवासी जयराम के आंख का संक्रमण बढ़ रहा है। इनका इलाज एम्स, दिल्ली में चल रहा है। जयराम के बेटे अरविंद ने बताया कि बृहस्पतिवार को डाक्टरों ने पिता की रिपोर्ट देखकर बताया कि संक्रमण बढ़ रहा है। आंख निकालनी पड़ेगी। बेड उपलब्ध होते ही आंख निकाल दी जाएगी। संक्रमण फैलने के कारण एम्स, दिल्ली के डॉक्टरों ने पहले ही बारीगांव की देवराजी देवी और तिवारीपुर के रामदरश की आंखें निकाल दी हैं। यही नहीं कुछ मरीजों की आंख की रोशनी भी जा चुकी है। उधर, संक्रमण के शिकार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। पहले 11 मरीज संक्रमित हुए थे, अब इनकी संख्या 15 तक पहुंच चुकी है। सबका इलाज अलग-अलग शहरों में परिजन करा रहे हैं। आशंका व्यक्त की जा रही है कि संक्रमण के शिकार मरीजों की संख्या और अधिक हो सकती है। संवाद



अस्पताल में कम हो गई है मरीजों की संख्या

न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में पहले काफी भीड़ रहती थी लेकिन संक्रमण फैलने के बाद मरीजों की संख्या बेहद कम हो गई है। हॉस्पिटल की ओटी सील है। मरीज अब इस हॉस्पिटल का नाम सुनकर भयभीत हो जा रहे हैं। हालांकि नेत्र विभाग को छोड़कर अन्य रोगों से संबंधित डॉक्टर अपनी सेवा दे रहे हैं। इस संबंध में पीएचसी उरुवा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जेपी तिवारी ने बताया कि ओटी में इस्तेमाल होने वाले सभी सामग्रियों की बीआरडी मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी विभाग की टीम सेंपलिंग कर जांच कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण की असली वजह पता चल पाएगी।
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इंफेक्शन समाप्त करने के लिए जारी है इलाज
सिकरीगंज क्षेत्र के इन्नाडीह निवासी अर्जुन सिंह और राजेंद्र सिंह दोनों भाई हैं। इनकी आंख का ऑपरेशन एक फरवरी को न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल सिकरीगंज में हुआ था। संक्रमण के कारण दोनों भाइयों के आंख की रोशनी जा चुकी है। छोटे भाई विश्वनाथ सिंह ने बताया कि राजेंद्र सिंह को बृहस्पतिवार को पीजीआई लखनऊ दिखाया गया। सूजन और इंफेक्शन कम करने के लिए डॉक्टर ने दवा दी है। डॉक्टरों ने कुछ जांचें कराई हैं। इनकी रिपोर्ट शुक्रवार तक आएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। उधर, अर्जुन सिंह की आंख से पस और खून आ रहा था। इनका इलाज एम्स, दिल्ली में जारी है।
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