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Gorakhpur News: एलयूसीसी के शहर में थे चार एटीएम, लोगों का बढ़ गया विश्वास

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कोऑपरेटिव सोसाइटी में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी का मामला
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एटीएम में काम करते थे सभी बैंकों के कार्ड, कोतवाली पुलिस ने पीड़ितों से की पूछताछ

गोरखपुर। द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट थेफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी के शहर में चार जगहों पर एटीएम लगे थे। इससे लोगों का कंपनी में विश्वास बढ़ गया और उन्होंने निवेश किया। लेकिन वेबसाइट बंद होने के कुछ माह पहले कंपनी ने एटीएम बंद कर दिए। इसके बाद कंपनी के जिम्मेदार भाग निकले। रविवार को कोतवाली पहुंचे पीड़ितों से पुलिस ने पूछताछ की।
जानकारी के अनुसार, कंपनी में शहर के करीब 500 से ज्यादा लोगों ने निवेश किया था। उनके करीब आठ करोड़ रुपये लेकर कंपनी भाग गई है। यह कंपनी गोरखपुर में 2017 से सक्रिय थी। पहले इसका कार्यालय घोष कंपनी के पास था। इसके बाद कंपनी से अधिक लोग जुड़े तो कार्यालय एल्युमिनियम फैक्टरी के पास चला गया। वहां के बाद फिर बशारतपुर में खुल गया। कंपनी से करीब 45 एजेंट जुड़े थे, जो दूसरे लोगों से निवेश करवाते थे।
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एजेंट विशाल ने बताया कि 2022 में कंपनी के शहर के बरगदवां, मोहरीपुर, शाहपुर और मेडिकल कॉलेज के पास एटीएम खुल गया। इसमें सभी बैंकों के कार्ड से ट्रांजेक्शन होता था। इससे लोगों का भरोसा बढ़ गया। आरोपी बाबूलाल गुप्ता और राघवेंद्र तिवारी भी इस बात का जिक्र हर मीटिंग में करते थे। एटीएम लगने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने निवेश किया। उसी समय बहुत सारे लोगों की मैच्योरिटी पूरी हो गई और पैसा भी मिला। लेकिन उस समय जो निवेश हुआ उसे लेकर कंपनी के जिम्मेदार भाग निकले।

कम ट्रांजेक्शन बताकर बंद कर दिए एटीएम
बताया जा रहा है कि कंपनी के एटीएम 2024 की शुरुआत में बंद कर दिए गए। इसके पीछे उनका तर्क था कि अब ज्यादातर लोग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन ही कर रहे हैं। एटीएम को संचालित करने की खर्च भी निकालना मुश्किल है। इसी वजह से इसे बंद किया जा रहा है। इससे लोगों को शक भी नहीं हुआ।

पुलिस ने मांगी निवेशकों की सूची
कोतवाली में रविवार को कंपनी के एजेंट पहुंचे। पुलिस ने उनसे पूछताछ की। एजेंटों ने अपने पास मौजूद साक्ष्य और कागजात दिखाए। पुलिस ने निवेशकों की सूची मांगी है। रविवार को शिकायतकर्ता संजय अग्रहरि, विशाल गुप्ता, अजय यादव समेत कई एजेंट कोतवाली पहुंचे थे। उन्होंने कंपनी से जुड़े दस्तावेज, लाइसेंस, एफडी, बॉन्ड और फोटोग्राफ साझा किए। पुलिस ने कंपनी से जुड़े निवेशकों की सूची मांगी है। इससे पता चलेगा कि कुल कितने लोगों को पैसा डूबा है।
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11 लोगों पर दर्ज हुआ है केस

जानकारी के मुताबिक, द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट थेफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी में निवेश पर करीब 500 लोगों के आठ करोड़ रुपये डूब गए हैं। मामले में संजय अग्रहरि की तहरीर पर कोतवाली में 11 लोगों पर केस दर्ज हुआ है। इसमें वाराणसी के मुरारी मिश्रा, बाबूलाल गुप्ता, राघवेंद्र तिवारी, बीएल गुप्ता, पुणे के समीर अग्रवाल, सानिया अग्रवाल, शबाब हुसैन, अनूप जैन, संजय मुद्गिल, आरके शेट्टी, अभय राय शामिल हैं। इसमें समीर अग्रवाल कंपनी का सीएमडी है। हालांकि, पीड़ितों का कहना है कि इसमें मुरारी मिश्रा भी पीड़ित हैं। उनके भी लाखों रुपये लेकर आरोपी भाग गए हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह ने कहा कि मामले में एजेंटों से सूची मांगी गई है। इसका डाटा उपलब्ध कराएं कि कुल कितने लोगों ने निवेश किया था। इसकी विस्तृत जांच की जा रही है
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