भ्रष्टाचार के 26 साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश विपिन कुमार ने तत्कालीन लेखपाल सूर्य प्रकाश और सहायक चकबंदी अधिकारी को दोषी पाया है। उन दोनों को मंगलवार को सजा सुनाई गई। इस मामले में विजिलेंस ने 1999 में 100 रुपये की घूस लेते हुए लेखपाल को रंगे हाथ पकड़ा था।
तत्कालीन लेखपाल सूर्य प्रकाश को तीन साल एवं तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी सूर्य प्रसाद वर्मा को एक साल के कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। विशेष लोक अभियोजक परमानंद राम त्रिपाठी ने बताया कि शिकायतकर्ता गोरखनाथ वर्मा ने 16 जून 1999 को पुलिस अधीक्षक उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान फैजाबाद से शिकायत की थी।