फर्जी परवाना आदेश के जरिये कितनी जमीनों पर धंधेबाजों ने किया कब्जा, रिकॉर्ड ही नहीं
सोमवार को दर्ज हो सकता है देवरिया-रुद्रपुर के इस्लामाबाद गांव में धोखाधड़ी के मामले में केस
गोरखपुर। फर्जी परवाना आदेश के जरिये जमीन हड़पने का खेल जल्द ही सामने आ जाएगा। रजिस्टर-6 से जमीनों का पूरा ब्योरा जांच कर रही टीम को मिल जाएगा। इसी के जरिये मालिकाना हक चढ़वाकर धंधेबाजों ने खतौनी में भी नाम दर्ज करा लिया। देवरिया और कुशीनगर दोनों ही जिलों में जांच टीम ने रजिस्टर की जांच पड़ताल की है। शक है कि कहीं धंधेबाजों ने जमीनें बेच तो नहीं दी हैं।
अब तक कुशीनगर के खड्डा और देवरिया के रुद्रपुर तहसील में अभी तक यह तस्वीर साफ नहीं हो पाई है कि मालिकाना हक चढ़वाने और खतौनी में नाम दर्ज कराने वाले धंधेबाजों ने जमीनें बेच तो नहीं दी हैं। एआरओ कार्यालय में भी इसका कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं है। विभाग के कर्मचारी रिकॉर्ड खंगालने में लगे हुए हैं। वहीं, तहसीलों में भी रजिस्टर-6 से रिकॉर्ड लेकर खतौनी में मिलान कराया जा रहा है। रुद्रपुर तहसील से जुड़े छह मामलों में जमीन का पता अभी तक नहीं चल सका है।
उधर, एआरओ कार्यालय, गोरखपुर में भी जमीनों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। वहीं, देवरिया के रुद्रपुर में इस्लामाबाद गांव के सचिंद्र नाथ यादव की जमीन पर सोमवार को फर्जीवाड़ा करने वालों पर केस दर्ज हो सकता है। सचिंद्र को गोरखपुर एआरओ कार्यालय बुलाया गया है। सचिंद्र ने बताया कि वे डीएम के आदेश की कॉपी के साथ शिकायती पत्र तहसील और एआरओ कार्यालय में देंगे।
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क्या है रजिस्टर-6
आर-6 रजिस्टर तहसील रिकॉर्ड का मूल रजिस्टर है जिसमें भूमि परिवर्तन संबंधी आदेशों जैसे म्यूटेशन, भू उपयोग परिवर्तन यानी 143, 229 बी और जिलाधिकारी की ओर से भूमि परिवर्तन संबंधी आदेशों को दर्ज किया जाता है। आर-6 रजिस्टर में आदेश दर्ज होने के तीन दिन बाद ही किसी भूमि को संबंधित व्यक्ति के नाम खतौनी में दर्ज किया जाता है। यह रजिस्टर रजिस्ट्रार कानूनगो अनुभाग के अधीन रहता है।